चाय की दुकान कैसे शुरू करें। 6 Simple Steps to Start Tea Shop Business.

चाय यानिकी एक ऐसा पेय जो भारत में बेहद प्रचलित पेय पदार्थों में से एक है यह आम तौर पर Tea Shop पर आसानी से मिल जाती है । और हमारे देश में चाय न सिर्फ लोग अपनी थकान मिटाने के लिए पीते हैं बल्कि यह एक ऐसा पेय पदार्थ है जो लोगों के बीच भाईचारे, रिश्तेदारी, सदभावना को बढाने में भी सहायक है। जी हाँ दोस्तो वैसे देखा जाय तो चाय नामक यह पेय प्राचीनकाल से ही भारतीय लोगों द्वारा पीया जा रहा है। लेकिन आज की जीवनशैली में इसका महत्व इतना बढ़ गया है की हर गली नुक्कड़ पर चाय की दुकान देखी जा सकती है।

कहने का आशय यह है की जब व्यक्ति घर में रहता है तब भी वह दिन में कई दफा चाय पीता है और जब व्यक्ति काम पर होता है वहाँ भी कम से काम चाय पानी इत्यादि का प्रबंध तो होता ही होता है। और जहाँ नहीं होता वे कर्मचारी ऑफिस, फैक्ट्री इत्यादि के बाहर बने चाय के स्टाल में आकर चाय पीते हैं। लेकिन चूँकि इस तरह के बिजनेस को कुछ हज़ार रुपयों से आसानी से शुरू किया जा सकता है इसलिए अधिकतर लोग इस तरह के बिजनेस को केवल एक सर्वाइवल केतौर पर ही करते हैं।

यानिकी इस तरह का यह कार्य कर रहे उद्यमी के मन में अपने बिजनेस को विस्तृत करने की अभिलाषा कम ही होती है। यही कारण है की अक्सर देखा गया है की चाय की दुकान का बिजनेस करने वाला उद्यमी एक लम्बे समय तक केवल अपनी गुज़र बसर ही कर रहा होता है और वह अपने बिजनेस को बड़ा रूप देने के बारे में कम ही सोचता है।

लेकिन वर्तमान में कई ऐसे स्टार्टअप भी हुए हैं जिन्होंने इस विचारधारा को पलट कर रख दिया है और उन्होंने अनेक शहरों में अपने चाय के स्टाल खोलकर अनेकों प्रकार की चाय बेचना शुरू कर दी है। कहने का अभिप्राय यह है की यदि उद्यमी एक अच्छी योजना एवं रणनीति के तहत यह बिजनेस चलाये।

तो इसमें कोई दो राय नहीं की आने वाले समय में वह अपने Tea Shop Business को शहर के अन्य जगहों एवं अन्य शहरों में भी विस्तृत कर सकता है। और यह अन्य बिजनेस की तरह उद्यमी की जीवन की हर एक अभिलाषा को पूर्ण करने में सक्षम हो सकता है । इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से चाय की दुकान का बिजनेस कैसे शुरू करें के बारे में विस्तार से बताने का प्रयत्न कर रहे हैं।

Tea Shop Business Plan in Hindi
Steps to Start tea shop Business in India in Hindi.

चाय की दुकान क्यों शुरू करनी चाहिए (Why Should Start Tea Shop Business)

वैसे तो हम संक्षेप में उपर्युक्त वाक्यों में भी चाय की दुकान के महत्व के बारे में बात कर चुके हैं। लेकिन यहाँ पर हम कुछ आंकड़ों को पेश करके पता लगाने की कोशिश करेंगे की क्यों किसी व्यक्ति को भारत में चाय की दुकान शुरू करनी चाहिए। सम्पूर्ण विश्व में चाय उत्पादन में भारत दुसरे स्थान पर है पहले स्थान पर चीन है जहाँ पर चाय का उत्पादन बहुतायत मात्रा में किया जाता है। और बड़ी बात तो यह है की भारत में जितनी भी चाय का उत्पादन किया जाता है उसमें से लगभग 70% चाय का उपभोग भी हमारे ही देश में कर लिया जाता है।

इस आंकड़े से स्पष्ट है की भारत में चाय पीने वालों की कोई कमी नहीं है। वैसे देखा जाय तो भारत की जनता द्वारा अनेकों प्रकार की चाय जैसे कार्डमोम टी, ग्रीन टी, लेमन टी, मेंथोल टी इत्यादि का उपभोग किया जाता है लेकिन सर्वाधिक मात्रा में बागानों में उगने वाली चाय का उपभोग किया जाता है ।

यही कारण है जहाँ चाय के बागान सर्वाधिक मात्रा में हैं वहाँ की चाय भी काफी प्रचलित है इनमें असम एवं दार्जीलिंग दो ऐसे स्थान है जो गुणवत्तायुक्त चाय पैदावार के लिए काफी प्रसिद्ध हैं। भारतीय संस्कृति से भी चाय का जुड़ाव हो गया है क्योंकि अक्सर देखा गया है की घर में जब कोई भी मेहमान आता हो उसकी आवाभगत चाय पानी से ही की जाती है।

इसके अलावा कामकाजी लोग अपने कार्यालयों के बाहर स्थित Tea Shop  में चाय पीना पसंद करते हैं। वैसे देखा जाय तो भारत में पूर्वी एवं उत्तरी भारत के लोग दक्षिण एवं पश्चिमी भारत के लोगों की तुलना में चाय का उपभोग बहुत अधिक करते हैं। इसलिए भारत के इन दो दिशाओं में चाय की दुकान का बिजनेस कहीं भी आसानी से किया जा सकता है। क्योंकि लोगों की चाय पीने की आदत को आसानी से नहीं छोड़ा जा सकता इसलिए जिसे चाय पीने का मन कर रहा हो वह टी स्टाल तक पहुँच ही जाता है।

चाय की दुकान कैसे शुरू करें (How to Start Tea Shop Business)

यद्यपि यदि आप किसी व्यक्ति से पूछोगे की मैं चाय की दुकान कैसे शुरू कर सकता हूँ शायद उनका आसान सा जवाब होगा। यदि जगह ढूंढी हुई है तो सामान लेकर एक दो दिन के ही शुरू कर सकते हो। जो की बिलकुल सही भी है लेकिन ध्यान रहे टी स्टाल की सफलता एवं असफलता के लिए लोकेशन का बड़ा महत्व होता है।

इसलिए उद्यमी को विशेष तौर पर लोकेशन चयन बड़ी सोच समझकर करना चाहिए। चूँकि चाय का बिजनेस बेहद कम पासे खर्च करके शुरू किय जा सकता है इसलिए इसे शुरू करना भी कोई चुनौतीपूर्ण कार्य नहीं है। लेकिन इन सबके बावजूद भी उद्यमी को अनेक बातों का विश्लेषण करने के बाद ही चाय की दुकान शुरू करनी चाहिए।      

1. लोकेशन चयन करें (Select Location For Tea Shop Business):

हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं की बिजनेस चाहे किसी भी औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ा हो, उसकी सफलता के लिए लोकेशन का अहम् योगदान होता है। वैसे कुछ व्यापार ऐसे होते हैं जिनमें लोकेशन का कुछ खास महत्व नहीं होता है, लेकिन यह उन व्यापारों में से एक है, जिनकी यदि चयन की गई लोकेशन बिजनेस वातावरण के अनुकूल नहीं हुई तो यह असफल हो सकता है।

लेकिन इसके बावजूद भी चाय की दुकान खोलने के इच्छुक व्यक्तियों का रवैया इसके प्रति गंभीर इसलिए भी नहीं होता क्योंकि चाय की दुकान बेहद कम निवेश के साथ शुरू किया जाने वाला व्यापार है। इसलिए लोगों को लगता है की एक बार कोशिश कर लेते हैं और अगर फेल भी हो गए तो कौन सा बड़ा नुकसान हो जायेगा। यदि आप भी ऐसा ही सोचकर यह बिजनेस शुरू कर रहे हैं तो आपसे कहना चाहेंगे की कोई फायदा नहीं फिर न ही करें तो अच्छा है कम से कम आपका समय तो बचेगा।

ध्यान रहे यदि आप चाहते हैं की आपकी चाय की दुकान का व्यापार सफलता की बुलंदियों को छुए तो आपको इसकी लोकेशन ढूँढने में काफी मेहनत एवं खोजबीन करनी पड़ेगी। जी हाँ Tea Shop के लिए आदर्श लोकेशन में किसी रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, इंडस्ट्रियल एरिया, किसी बड़े शैक्षणिक संस्थान का प्रांगण, कोर्ट कचहरी वाला क्षेत्र यानिकी एक ऐसा क्षेत्र जहाँ प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग आवागमन करते हों शामिल है।

2. संभावित कमाई एवं खर्चे का विश्लेषण करें

यद्यपि उद्यमी के अंत: करण में सवाल घूम रहा होगा की चलो ठीक है खर्चे का तो वह अनुमान लगा भी लेगा लेकिन कमाई का अनुमान या विश्लेषण किस तरह से करेगा। देखिये खर्चे का विश्लेषण करने के लिए आपको चयनित लोकेशन पर किराया एवं बर्तनों इत्यादि की डिटेल्स बनाकर उनके आगे उनके संभावित मूल्य देने होते हैं। और जब इसमें सारे खर्चे सम्मिलित हो जाते हैं तो इसको टोटल करके इस बात का पता लगाया जा सकता है की Tea Shop Business शुरू करने में लगभग कितना खर्चा आ सकता है।

और जहाँ तक संभावित कमाई का आकलन करने का सवाल है इसके लिए उद्यमी को एक दो हफ्ते का समय लग सकता है क्योंकि इस एक दो हफ्ते में उसे चयनित लोकेशन के आस पास जाना होगा और वहाँ पर इस बात का पता करना होगा की उसके टारगेट कस्टमर कौन हो सकते हैं। उसके बाद एक धुंधला सा आईडिया लेकर वह प्रतिदिन आने वाले ग्राहकों की अनुमानित संख्या निर्धारित कर सकता है । और उसके बाद खर्चे और कमाई का विश्लेषण करके निर्णय ले सकता है की उसे आगे के स्टेप के लिए बढ़ना है या फिर नहीं। अर्थात उसे चाय की दुकान शुरू करनी है या नहीं। 

3. ठेला बनायें या दुकान किराये पर लें

अब चूँकि उद्यमी द्वारा चाय की दुकान के लिए लोकेशन का चयन तो कर लिया गया है। लेकिन उस लोकेशन पर वह यह बिजनेस किस प्रकार से शुरू करेगा यह उद्यमी के बजट एवं उस लोकेशन पर लागू स्थानीय नियमो पर निर्भर करता है। बहुत सारी लोकेशन पर चाय बेचने का बिजनेस ठेले यानिकी स्टाल लगाकर भी किया जाता है ।

उस लोकेशन पर ठेले लगाने की परमिशन उद्यमी को स्थानीय प्राधिकरण जैसे नगर निगम, नगर पालिका, ग्राम पंचायत इत्यादि से लेनी होती है। और स्थानीय प्राधिकरण द्वारा रेहड़ी या ठेला लगाने के बदले जो भी दैनिक या मासिक शुल्क वसूला जाता है उद्यमी को उसका भुगतान करना होता है। इस प्रणाली में उद्यमी को दुकान किराये पर लेने की आवश्यकता नहीं होती क्योंकि वह अपना बिजनेस रेहड़ी या ठेला लगाकर करता है।

इस रेहड़ी या ठेले को 7-12 हज़ार रूपये में आसानी से बनवाया जा सकता है । और यदि चयनित लोकेशन पर रेहड़ी ठेला इत्यादि लगाने की इजाजत नहीं है तो उद्यमी को दुकान किराये पर लेने की आवश्यकता होती है। और यदि वहाँ पर चाय का ठेला लगाने की इजाजत है तो फिर यह उद्यमी पर निर्भर करेगा की वह दुकान किराये पर लेकर यह बिजनेस करना चाहता है या फिर रेहड़ी या ठेला लगाकर।

4. स्थानीय प्राधिकरण से संपर्क करें

अब यदि Tea Shop business करने वाला उद्यमी उस चयनित लोकेशन पर ठेला या स्टाल लगाकर यह बिजनेस शुरू करना चाहता है तो उसे उस जगह पर रेहड़ी इत्यादि लगाने की इजाजत नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत से लेनी होगी। और उनसे बात करके दैनिक या मासिक किराया भी निर्धारित करना होगा। आम तौर पर देखा गया है की ऐसे स्थलों का दैनिक किराया शहर या नगर के आधार पर 10 रूपये से 100 रूपये तक कुछ भी हो सकता है। यानिकी उद्यमी को अपनी दैनिक कमाई से 10-100 रूपये उस विशेष स्थल पर ठेला लगाने के बदले देने पड़ सकते हैं ।

5. गैस सिलिंडर, चूल्हा एवं बर्तन खरीदें

यदि उद्यमी द्वारा उपर्युक्त बताये गए सभी बातों का अनुसरण कर लिया गया हो और उसने टी स्टाल ओपन करने के लिए रेहड़ी या दुकान तैयार कर ली हो। तो उद्यमी का अब अगला कदम उसकी दुकान में इस्तेमाल में लाये जाने वाले बर्तनों को खरीदने का होना चाहिए। यहाँ पर हम कुछ ऐसे ही बर्तनों की लिस्ट दे रहे हैं जिन्हें उद्यमी अपनी चाय की दुकान खोलने के लिए खरीद सकता है।

  • गैस सिलिंडर एवं गैस चूल्हे।
  • दूध रखने के लिए कंटेनर ढक्कन के साथ ।
  • ज्यादा आर्डर होने की स्थिति में ईधर उधर ले जाने के लिए चाय की केतली ।
  • चाय बनाने के लिए सॉस पैन ।
  • तीन चार दर्जन स्टील के चम्मच ।
  • चाय छानने के लिए स्टील का जग ।
  • चाय पत्ती, चीनी एवं चाय मसाला रखने के लिए स्टील के डिब्बे।
  • चाय छानने के लिए स्टील की छन्नी।
  • लोहे के तारों से निर्मित ट्रे जिसमें कांच के गिलास रखकर चाय ईधर उधर दी जा सके ।
  • पानी के स्टॉक के लिए प्लास्टिक का एक बड़ा कंटेनर ।
  • चाय रखने के लिए शीशे की छोटी गिलास ।
  • चाय में सुगर क्यूब इत्यादि रखने के लिए टोंग।
  • फ्लास्क एवं डस्टबिन की भी आवश्यकता हो सकती है।

उपर्युक्त सामान के अलावा उद्यमी को उसके बिजनेस के आकार के आधार पर और भी बर्तन इत्यादि खरीदने की आवश्यकता हो सकती है। जहाँ तक कच्चे माल का प्रश्न है इस बिजनेस में चाय पत्ती, चीनी, दूध एवं चाय मसाला मुख्य है। चाय की दुकानों में तरह तरह के स्नैक्स जैसे बिस्कुट, फेन, बन, केक, समोसे, नमकीन, पकोड़े इत्यादि मिलना आम बात है।

6. बढ़िया चाय बनायें, पिलायें और कमायें

हालांकि लोगों का यकीन करना मुश्किल होता है लेकिन यह सत्य है की यदि उस लोकेशन विशेष में आपकी चाय फेमस हो गई। तो हो सकता है की आपको अपनी छोटी सी चाय की दुकान में दो तीन बन्दे काम पर और रखने पड़े । जी हाँ दोस्तो हमने बहुत सारी जगह इन घटनाओं को चरितार्थ होते हुए देखा है चूँकि किसी व्यक्ति द्वारा बढ़िया चाय बनाई जाती है।

इसलिए वहां पर चाय पीने बड़ी दूर दूर से लोगों को आते देखा है। या फिर जो अक्सर चाय नहीं पीते उन्हें भी वहां पर चाय पीते देखा है। इसलिए चाय की दुकान यानिकी Tea Shop कर रहे उद्यमी को चाहिए की वह अपने ग्राहकों की पसंद के मुताबिक ही चाय बनाये और सर्दियों में अदरक, इलायची जैसे पदार्थों का चाय बनाने में इस्तेमाल अवश्य करे।

क्योंकि एक बार यदि उसके चाय के चर्चे आस पास के लोगों में हो गए तो फिर उसे इस बिजनेस में सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। इसलिए शुरूआती दौर में एक विशेष मेथड को फॉलो करके चाय बनाइये और उस मेथड से बनी चाय को खुद भी टेस्ट कीजिये और अपने जानने वालों को भी टेस्ट कराइए। जिस मेथड से बनी चाय को अधिकतर लोग पसंद या समर्थन करते हैं उसी मेथड को अपने ग्राहकों के लिए चाय बनाने के लिए अपनाइए। तभी उद्यमी की दुकान के ग्राहक तेजी से बढ़ेंगे।

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