किराना स्टोर कैसे शुरू करें। 7 Steps to Start Grocery Store in India in Hindi.

भारत में कोई भी व्यक्ति यदि बेहद कम निवेश के साथ शुरू किये जाने वाले बिजनेस के बारे में सोचता होगा तो वह किराना स्टोर बिजनेस के बारे में भी अवश्य सोचता होगा। वह इसलिए क्योंकि इस तरह के बिजनेस को शुरू करने में निवेश तो कम होता ही है साथ में किसे आसानी से शुरू भी किया जा सकता है। लेकिन इस बिजनेस को शुरू करने से पहले उद्यमी को एक बात का ध्यान अवश्य रखना होता है की इस व्यापार के तहत उद्यमी रोजमर्रा के इस्तेमाल में लायी जाने वाली छोटी छोटी वस्तुओं से लेकर दाल, अनाज इत्यादि तक की बिक्री करता।

जिसमें की 5-10% तक का ही मार्जिन होता है इसलिए इस बिजनेस को तभी शुरू करना चाहिए जब लगे की उस लोकेशन पर किराना सामान की अच्छी खासी बिक्री होने वाली हो। भारत में बहुत सारे लोग यह बिजनेस खाली टाइम पास करने के लिए भी करते हैं क्योंकि इस बिजनेस के लिए थोड़ा बहुत अंकगणितीय ज्ञान के अलावा अन्य किसी विशेष प्रकार के कौशल की आवश्यकता नहीं होती है। यही कारण है की इस तरह का यह बिजनेस भारत में काफी लोक्रप्रिय है लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है की हर उद्यमी इस बिजनेस से अच्छी खासी कमाई ही कर रहा हो।

बहुत सारे लोग तो ऐसे होते हैं जिन्हें यह बिजनेस शुरू करने के एक दो सालों के अन्दर ही मजबूरन यह बिजनेस बंद करना पड़ता है। इसलिए आज हम इस लेख के माध्यम से कोई उद्यमी उपयुक्त तरीके से जनरल स्टोर कैसे शुरू कर सकता है के बारे में बात करेंगे ताकि उसे शुरूआती एक दो सालों में बिजनेस बंद करने की मजबूरी न पैदा हो और वह अपना बिजनेस सफलतापूर्वक चला पाने में कामयाब हो। लेकिन उससे पहले जान लेते हैं की किराना स्टोर होता क्या है।

Grocery-Store-Business

किराना स्टोर क्या है (What is Grocery Store in Hindi):

किराना स्टोर की यदि हम बात करें तो हम इसका अर्थ एक ऐसी जगह या दुकान से लगा सकते हैं जहाँ से लोग फुटकर में खाद्य सामग्री एवं अन्य घर परिवार में इस्तेमाल में लायी जाने वाली सामग्री खरीदते हैं। इसको हम और अच्छे ढंग से समझने की कोशिश करे तो हम पाएंगे की हम अपने घर में होते हैं और हमें अचानक से ब्रेड आमलेट खाने का मन करता है तो हम ब्रेड एवं अंडे खरीदने के लिए जिस नजदीकी दुकान या स्टोर पर पहुंचते हैं उसे किराना स्टोर, जनरल स्टोर या ग्रोसरी स्टोर कहा जा सकता है।

यही कारण है की भारत में इस तरह की यह दुकानें लगभग हर गली मोहल्ले में होती हैं। साधारण शब्दों में एक किराने की दुकान में लगभग वे सभी वस्तुएं उपलब्ध रहती हैं जिनकी किसी घर परिवार में नियमित तौर पर आवश्यकता होती है।

किराना स्टोर कैसे शुरू करें (Step by Step Process to Start a Grocery Store in India):

हालांकि आपने देखा होगा की भारत में इस तरह के बिजनेस को गंभीरता से नहीं लिया जाता है अर्थात जिसके पास सड़क के किनारे कोई दुकान या जगह होगी और यदि उसके दिमाग में और कोई बिजनेस करने का विचार ना आ रहा हो तो वह बिना किसी विश्लेषण के जनरल स्टोर खोलने पर आमादा हो जाता है। कहने का अभिप्राय यह है की भारत में इस तरह का बिजनेस करने से पहले अधिकतर उद्यमी बिना किसी योजना के ही मैदान में उतर जाते हैं और बाद में इसका खामियाजा उन्हें बिजनेस में हानि उठाकर उठाना पड़ता है।

भारत में यदि आप किसी व्यक्ति से किराना स्टोर शुरू करने को प्रक्रिया के बारे में पूछेंगे तो वह आपको बड़ा सरल सा जवाब देगा की एक दुकान किराये पर लें, उस दुकान में बीस पच्चीस हजार का सामान भरें और फिर ग्राहकों को सामान बेचना शुरू करें। लेकिन इन सबके अलावा उद्यमी को इस बिजनेस को शुरू करने के लिए और भी अनेकों कार्यवाहियाँ करनी पड़ सकती हैं। इसलिए नीचे हम इस बिजनेस को शुरू करने की स्टेप बाई स्टेप प्रक्रिया के बारे में जानेंगे।

1. बिजनेस प्लान बनाएँ (Prepare a Business Plan for Grocery Store):

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में भी बता चुके हैं की भारत में छोटे स्तर पर किराना स्टोर स्थापित करने के लिए उद्यमी लिखित में कोई बिजनेस योजना तैयार नहीं करते हैं। यही कारण है की वे इस तरह के बिजनेस में असफल हो जाते हैं इसलिए चाहे आप छोटे स्तर पर इस तरह का बिजनेस शुरू कर रहे हैं या फिर बड़े स्तर पर एक प्रभावी बिजनेस प्लान तैयार करना बेहद जरुरी है।

ध्यान रहे इस बिजनेस में सफलता पाने के लिए बाज़ार का आपका आकलन एकदम सटीक होना चाहिए। इसलिए उद्यमी को चाहिए की वह अपने ग्राहकों का विश्लेषण करने में कुछ समय अवश्य बिताये जो उद्यमी के मार्किट साइज़ एवं ग्राहक क्या खरीदना पसंद करते हैं जैसी चीजें निर्धारित करने में अहम् भूमिका निभाएंगी। ग्राहकों का विश्लेषण उद्यमी को सही जगह पर खुद का स्टोर स्थापित करने में भी मदद करेगा जिससे उद्यमी ग्राहकों को पेश की जाने वाली वस्तुओं एवं बिक्री की रणनीति पर अच्छी तरह से कार्य कर पायेगा।

इसलिए इस तरह का बिजनेस करने से पहले बिजनेस की योजना अवश्य बना लें। ध्यान रहे आपके किराने स्टोर के बिजनेस को प्रभावित करने वाले कारकों में ग्राहकों की पृष्ठभूमि, उनकी खर्च करने की क्षमता, उनकी खर्च करने की आदतें, उनका स्थान, जीवन स्तर, वे कौन सा उत्पाद कब, कितना और कहाँ से खरीदना पसंद करते हैं इत्यादि शामिल हैं।

ग्राहकों की मांग ही आपके बिजनेस की सफलता या असफलता तय करेगी इसलिए शुरूआती दौर में ही आपको अपने ग्राहकों की आवश्यकताओं को समझना भी बेहद जरुरी होगा। आपको इस बात का ध्यान रखना होगा की यह बिजनेस बेहद कम मार्जिन वाला बिजनेस है इसलिए इसमें ग्राहकों की संख्या जितनी अधिक होगी उतना इस बिजनेस के लिहाज से अच्छा होगा।           

2. टारगेट मार्किट को जानें (Know your target market):

हालांकि एक जनरल स्टोर में हर वो सामान मिलता है जो किसी घर परिवार में इस्तेमाल में लाया जाता है। कहने का आशय यह है की इस बिजनेस में हर एक आपका पडोसी भी आपका टारगेट ग्राहक हो सकता है । यानिकी जिस एरिया में आप इस तरह का यह बिजनेस करना चाहते हैं उस एरिया में रहने वाला हर एक परिवार आपका टारगेट ग्राहक होना चाहिए।

यानिकी जिस एरिया में आप अपनी किराने की दुकान खोलना चाहते हैं उस एरिया के 1-2 किलोमीटर के रेडियस में रहने वाले लोग आपके टारगेट मार्किट हैं। इसलिए उद्यमी को चाहिए की इसके आस पास रहने वाले लोग एक किराना स्टोर से क्या अपेक्षाएं रखते हैं यह जानने का भरसक प्रयत्न करे।

3. सही लोकेशन का चुनाव करें (Choose Right Location for Grocery Store):

इस बिजनेस की सफलता या असफलता में लोकेशन का अहम् योगदान होता है इसलिए इस बिजनेस के लिए सही लोकेशन का चुनाव करना बेहद जरुरी है । किसी स्थानीय मार्किट में, भीड़ भाड़ वाले इलाके में या फिर जहाँ पैदल चलने वाले लोग अधिक हों में इस तरह का बिजनेस करना बेहद लाभकारी हो सकता है।

इसके अलावा उद्यमी को इस बात का भी ध्यान रखना होगा की विभिन्न लोकेशन एवं लोगों के जीवन स्तर के आधार पर लोगों की मांगे अलग अलग हो सकती है इसलिए जो उत्पाद किसी शहरी क्षेत्र में बहुत ज्यादा बिकता हो। हो सकता है की वह ग्रामीण इलाकों में बिलकुल भी न बिके। इसके अलावा किस लोकेशन पर किस आयु वर्ग के लोग उद्यमी के ग्राहक हैं यह भी यह तय करेगा की उद्यमी अपनी दुकान का हिस्सा किन किन उत्पादों को बनाएगा।

4. लागत के बारे में जानें (Calculate cost to start Grocery Store in India):

किराना स्टोर शुरू करने में आने वाली लागत विभिन्न कारकों से प्रभावित हो सकती है जैसे एक भीड़ भाड़ वाली लोकेशन पर दुकान का किराया किसी अन्य लोकेशन से अधिक हो सकता है। और लोकेश, बिक्री एवं उत्पादों करे आधार पर ही उद्यमी को इन्वेंटरी भी खरीदनी पड़ सकती है। इसके अलावा हो सकता है की उद्यमी को कुछ मैनपावर भी नियुक्त करनी पड़े। इसलिए बिजनेस के आकार एवं लोकेशन के आधार पर इस बिजनेस को शुरू करने में आने वाली लागत प्रभावित हो सकती है।

इसके अलावा यदि उद्यमी कोई पहले से स्थापित जहाँ रैक इत्यादि लगे हों दुकान किराये पर लेता है तो इस बिजनेस में आने वाली लागत कम हो सकती है। और यदि ऐसा नहीं होता है तो उद्यमी को विभिन्न उत्पाद डिस्प्ले करने के लिए रैक इत्यादि लगाने या खरीदने की आवश्यकता होती है। छोटे स्तर पर इस तरह का यह बिजनेस शुरूआती दौर में 75000 रूपये से 1 लाख रूपये तक में आसानी से शुरू किया जा सकता है।

हालांकि यदि उद्यमी बड़ा स्टोर स्थापित करना चाहता है तो उसे अधिक निवश की आवश्यकता हो सकती है इसलिए उद्यमी को चाहिए की वह अपने बिजनेस में आने वाली लागत के बारे में जाने ताकि वह उसी आधार पर वित्त की व्यवस्था कर पाए।        

5. स्थानीय कानूनों के बारे में जानें (Know about local laws):

यद्यपि इस प्रकार का बिजनेस करने सम्बन्धी भारत के किसी भी राज्य में कोई कठोर नियम एवं कानून नहीं हैं। लेकिन फिर भी उद्यमी को स्थानीय नियमों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए और पूरे क़ानूनी नियमों का पालन करते हुए ही इस तरह का बिजनेस करना चाहिए।

छोटे स्तर पर इस तरह का बिजनेस करने के लिए बाकी लाइसेंस का तो नहीं लेकिन फूड लाइसेंस की आवश्यकता हो सकती है जिसे उद्यमी 100-150 रूपये का शुल्क जमा करके FSSAI की अधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन भी बना सकता है। उद्यमी इसे 1-2 सालों तक के लिए बना सकता है और फिर दुबारा से रिन्यू कर सकता है।    

6. सप्लायर का चुनाव करें (Choose Supplier for Grocery Store):

अब चूँकि उद्यमी ने दुकान में सभी कार्य पूर्ण कलर लिए होंगे इसलिए अब उसे अपनी दुकान को Grocery Items से भरना होगा। इसके लिए उद्यमी चाहे तो किसी स्थानीय मार्किट में उपलब्ध थोक विक्रेता से संपर्क कर सकता है जो उचित दामों में उद्यमी को उसके स्टोर के लिए Grocery Items प्रदान कर सके। जहाँ तक डिलीवरी का सवाल है यह बातें उद्यमी को थोक विक्रेता से तय करनी होंगी इसके अलावा उद्यमी चाहे तो कोई ऐसा सप्लायर चयन कर सकता है जो उसकी दुकान में सारे आवश्यक आइटम उचित दामों में पहुंचा सके।    

7. बिक्री शुरू करें (Sell Grocery Items):

उद्यमी को कौन से Grocery Items पर कितना लाभ या मार्जिन कमाना है यह उद्यमी को पहले ही तय करना होगा यद्यपि ये ऐसे आइटम होते हैं जिन पर अधिक मार्जिन नहीं होता है। ध्यान रहे यदि आप किसी आइटम पर अधिक लाभ कमाने की कोशिश करेंगे तो ग्राहकों की कनेक्टिविटी आपसे टूट जाएगी। और यदि आप कम प्राइस में आइटम बेचेंगे तो आपको हानि हो सकती है। इसलिए किराना स्टोर बिजनेस करने वाले उद्यमी को शुरूआती दौर में प्राइस रणनीति पर काम करना बेहद जरुरी है।

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3 thoughts on “किराना स्टोर कैसे शुरू करें। 7 Steps to Start Grocery Store in India in Hindi.”

  1. मर्यादा स्टोर सेट करना चाहते हैं इसके बारे में मुझे सप्लाई की भी जानकारी दी जाए

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