हार्डवेयर की दुकान कैसे शुरू करें। How to Start Hardware Store in India.

Hardware store business plan in Hindi – गली मोहल्लों से शुरू किये जाने वाले बिजनेस की लिस्ट में हार्डवेयर की दुकान का नाम भी प्रमुखता से शामिल है । जी हाँ दोस्तो बहुत सारे छोटे छोटे व्यापार ऐसे होते हैं जिन्हें मनुष्य अपने गली मोहल्लों से भी शुरू कर सकता है वह इसलिए क्योंकि इनमें उपलब्ध सामान या वस्तुओं की आवश्यकता लोगों को अपने दैनिक जीवन में पड़ती रहती है। यद्यपि इसमें कोई दो राय नहीं की एक हार्डवेयर स्टोर में कील से लेकर बर्तन, पेन्ट, इलेक्ट्रिकल सामग्री से लेकर बिल्डिंग मटेरियल तक सभी कुछ आसानी से मिल जाता है।

इसलिए इनकी मांग हर उस एरिया में हमेशा उपलब्ध होती है जहाँ पर लोग निवास करते हैं। जब भी किसी व्यक्ति को हस्तचालित उपकरण जैसे हथौड़ी, कुल्हाड़ी, कुदाल, दराती, फावड़ा या फिर कोई अन्य खरीदना होता है तो उसके कदम अनायास ही उस एरिया में स्थित हार्डवेयर स्टोर की ओर चल पड़ते हैं।

चूँकि इस तरह के स्टोर में सैकड़ों ऐसी वस्तुएं रखकर बेचीं जा सकती हैं जिनकी आवश्यकता लोगों को अपने दैनिक जीवन में भी पड़ती है और महीने साल में कभी कभी भी पड़ती है । इसलिए आज के समय में जब लोग अपने घरों के निर्माण एवं पुनरुत्थान के लिए जागरूक हैं ऐसे में Hardware Store का व्यापार शुरू करना लाभकारी हो सकता है।

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हार्डवेयर स्टोर क्या है? (What is a Hardware Store):

यद्यपि हार्डवेयर स्टोर भी किसी गली मोहल्ले में स्थित एक दुकान ही होती है लेकिन यहाँ से लोग कंस्ट्रक्शन एवं रिपेयरिंग में इस्तेमाल में लाये जाने वाले उपकरण एवं सामान जैसे पाइप, पानी की टंकी, नल, बिजली फिटिंग का सामान, दरवाजों की कुण्डी, हस्तचालित उपकरण, पेन्ट इत्यादि सामान खरीद सकते हैं। इसलिए कहा जा सकता है की जब कोई विक्रेता विभिन्न प्रकार के टूल, फ़ास्टनर जैसे नट बोल्ट, पेन्ट, रस्सी, पाइप इत्यादि कंस्ट्रक्शन एवं रिपेयरिंग में इस्तेमाल में लायी जाने वाली सामग्री बेच रहा होता है तो उसके द्वारा किया जाने वाला यह व्यापार Hardware Store Business कहलाता है।

हार्डवेयर स्टोर कैसे शुरू करें (How to Start a Hardware Store in India):

हालांकि भारत में हार्डवेयर स्टोर करना एक परचून की दुकान खोलने जितना ही आसान है। लेकिन यदि यह व्यापार बिना सोचे समझे या बिना किसी रिसर्च किये शुरू कर दिया जाए तो इसमें असफल होने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता है की हार्डवेयर सामग्री की आवश्यकता लगभग हर एरिया में निवासित लोगों को पड़ती है। लेकिन अलग अलग एरिया में लोगों की मांग एवं वहां पर उपलब्ध दुकान जिन पर सप्लाई करने की जिम्मेदारी है उनके आधार पर एरिया विशेष का विश्लेषण करना भी बेहद जरुरी हो जाता है।

एक आंकड़े के मुताबिक 60-70 % दुकानों को कैश की कमी के चलते या अन्य किसी समस्या के कारण अपने हार्डवेयर स्टोर को दो सालों के भीतर भीतर बंद करने पर मजबूर होना पड़ता है। इसलिए ऐसी स्थिति से बचने के लिए उद्यमी को पहले से ही योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की आवश्यकता होती है। बिजनेस की उचित योजना बनाकर उद्यमी अपने स्टोर को बहुत सारी मुसीबतों से बचा सकता है। इसलिए हम यहाँ पर इस तरह का व्यापार शुरू करने के लिए उठाये जाने वाले कुछ आवश्यक कदमों का जिक्र कर रहे हैं।

 1. Hardware Store के लिए लोकेशन का चयन करें

यदि उद्यमी एक चाय की दुकान भी खोलता है तो उसके लिए भी यह बेहद जरुरी होता है की उसकी वह दुकान किस लोकेशन पर है। अर्थात एक छोटे से छोटे व्यापार की सफलता के लिए भी अच्छी लोकेशन का होना नितांत आवश्यक है। इसलिए इसमें कोई दो राय नहीं है की इस बिजनेस के लिए भी एक अच्छी सी लोकेशन का चुनाव करना बेहद आवश्यक होता है। एक ऐसा स्टोर जो प्रमुख सड़क से दूर हो और किसी सुनसान या कम भीड़ वाली जगह में उपलब्ध हो के चलने की संभावना बेहद कम हो जाती है।

जबकि इसके विपरीत यदि स्टोर किसी भीड़ भाड़ वाले इलाके में प्रमुख मार्ग पर उपलब्ध हो तो उसकी सफलता की संभावना अधिक हो जाती है। इसलिए ध्यान रहे उद्यमी को अपने व्यापार के लिए किसी ऐसी लोकेशन का चयन करना नितांत आवश्यक होगा जहाँ पर पैदल चहलकदमी करने वालों की भीड़ भाड़ रहती हो और उसका स्टोर मुख्य मार्ग से लोगों की नज़रों में आसानी से आ सके।

इसके अलावा कोई ऐसा इलाका विशेष जो कंस्ट्रक्शन एवं रिपेयरिंग सामग्री प्रदान करने के लिए विख्यात हो वहां पर भी इस तरह का बिजनेस किया जाना उचित हो सकता है। चयनित लोकेशन पर ही उद्यमी कोई खाली दुकान किराये पर लेकर इस तरह का बिजनेस शुरू कर सकता है लेकिन ध्यान रहे चूँकि उद्यमी को भारी एवं आकार में बड़े आइटम भी रखने की आवश्यकता होती है इसलिए उद्यमी को बड़ी जगह ही किराये पर लेनी होगी।        

2. Hardware Store के लिए सामग्री की लिस्ट तैयार करें

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की इसे शुरू करना किसी परचून की दुकान खोलने जितना ही आसान है की जगह का इंतजाम हुआ नहीं की उद्यमी को रेनोवेशन का काम कराके सामान भरकर ग्राहकों को बेचना होता है। लेकिन जैसा की हम सब अच्छी तरह से जानते हैं की हार्डवेयर सामग्री में एक नहीं बल्कि सैकड़ों आइटम आते हैं ऐसे में उद्यमी के लिए यह दुविधा हो जाती है की वह किन किन हार्डवेयर आइटम को अपने स्टोर में रखे और किन किन आइटम को नहीं रखे।

क्योंकि उद्यमी के लिए सभी आइटम रखना संभव नहीं होगा और शुरूआती दौर में बहुत अधिक आइटम को दुकान का हिस्सा बनान भी उचित नहीं होगा। इसलिए उद्यमी चाहे तो उस एरिया में पहले से मौजूद हार्डवेयर स्टोर के मालिकों से बातचीत करके इस बात का पता लगाया जा सकता है की उनकी सबसे अधिक बिकने वाली आइटम में से कौन कौन से आइटम हैं। क्योंकि शुरूआती दौर में उद्यमी को अपनी दुकान में केवल उन्हें ही रखना चाहिए जिनकी उस एरिया में मांग अधिक हो।

इससे उद्यमी की इस व्यापार में आने वाली लागत भी घट जायेगी और उसके स्टोर में कोई सामान बहुत लम्बे समय तक पड़ा भी नहीं रहेगा। इसलिए उद्यमी को चाहिए की वह सामान की लिस्ट बनाकर विभिन्न सप्लायर से इनकी कोटेशन मंगाए ताकि वह इनके आधार पर वित्त का प्रबंध कर सके।      

3. वित्त का प्रबंध करें (fund arrangements)

यदि उद्यमी ने चयनित लोकेशन पर खाली जगह का भी प्रबंध कर लिया हो और फिक्सिंग एवं फर्नीचर का काम भी पूर्ण कर लिया हो। और इसके अलावा store में रखे जाने वाले सामान की लिस्ट तैयार करके विभिन्न सप्लायर से इनकी कोटेशन भी मंगा ली हो। तो अब तक उद्यमी को इस बात का अनुमान अवश्य हो गया होगा की उसे उसका व्यापार शुरू करने के लिए लगभग कितनी पूँजी की आवश्यकता है। हालांकि पेन्ट के साथ हार्डवेयर स्टोर शुरू करने में लगभग उद्यमी को 5-7 लाख रूपये खर्च करने की आवश्यकता हो सकती है।

लेकिन यहाँ पर फिर से कहना चाहते हैं की इसमें मैनपावर कास्ट इत्यादि शामिल नहीं है इसलिए वास्तविक लागत उद्यमी की अपने व्यापार के लिए बनाई गई योजना, बिजनेस लोकेशन एवं दुकान में रखे जाने वाले आइटम पर निर्भर करती है। वित्त का प्रबंध करने के उद्यमी के पास अनेकों औपचारिक रस्ते जैसे बैंक ऋण, सरकारी योजना के तहत ऋण इत्यादि उपलब्ध हैं तो वहीँ नाते, रिश्तेदार, परिवार के सदस्यों इत्यादि से ऋण लेने जैसे अनौपचारिक रस्ते भी उपलब्ध हैं।       

4. स्थायी सप्लायर का चुनाव करें (Select Supplier)

अब तक उद्यमी ने अपने स्टोर में रखी जाने वाली सामग्री के लिए कोटेशन इत्यादि तो मंगा दी होंगी लेकिन यदि उद्यमी ने ये सारी कोटेशन ऑनलाइन स्रोतों से प्राप्त संपर्क के मध्यम से मंगाई हैं। तो ध्यान रहे की उद्यमी को उनमें से किसी भी सप्लायर का चुनाव नहीं करना चाहिए या फिर एक ही शर्त जिसमें वे इस बात के लिए राजी हो जाएँ की वे उद्यमी को उसकी लोकेशन पर नियमित तौर पर सप्लाई करने के लिए राजी हैं।

अन्यथा हो सकता है की शुरूआती दौर में उद्यमी को थोड़ा बड़ा आर्डर करना होता है इसलिए वे एक बार तो उद्यमी की लोकेशन तक सप्लाई पहुंचा देन लेकिन बाद में छोटी छोटी सप्लाई के लिए मना कर दें। इसलिए उद्यमी को किसी ऐसे सप्लायर का चयन करना चाहिए जो आवश्यकता पड़ने पर कभी भी किसी भी समय जल्दी से जल्दी सामग्री सप्लाई करने के लिए राजी हो। और ऐसी सुविधा कोई स्थानीय सप्लायर ही उद्यमी को दे सकता है इसलिए किसी मौजूदा हार्डवेयर स्टोर चलाने वाले उद्यमी से वह उस सप्लायर का संपर्क सूत्र प्राप्त कर सकता है।    

5. उचित ढंग से विज्ञापन करें (Advertise Hardware Store)

उचित ढंग से मार्केटिंग का अर्थ है की अपने संभावित ग्राहकों को रिझाने में अधिक ध्यान देना। हालांकि यह व्यवसाय किसी विशेष श्रेणी के लोगों को ही टारगेट नहीं करता है। क्योंकि इसमें उद्यमी गृह उपयोग की भी बहुत सारी वस्तुएं बेच रहा होता है इसलिए कहा जा सकता है की लगभग हर स्थानीय व्यक्ति उद्यमी का आंशिक ग्राहक है। इसलिए उद्यमी बिलबोर्ड, पोस्टर, येलो पेज, स्थानीय केबल नेटवर्क, न्यूज़पेपर इत्यादि के माध्यम से अपने व्यापार का विज्ञापन कर सकता है।

लेकिन इसके अलावा उद्यमी को उस एरिया में स्थिति कारपेंटर, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर, मिस्त्री, ठेकेदार, बिल्डर, प्रॉपर्टी डीलर इत्यादि से अपने रिश्ते मजबूत करने की आवश्यकता होती है। उन्हें ऐसे ऐसे प्रलोभन देने की आवश्यकता होती है जो उन्हें उद्यमी के Hardware Store तक खींच लाने में विवश कर दे उद्यमी चाहे तो इनके लिए कोई डिस्काउंट ऑफर या एक सीमा के बाद सामग्री खरीदने पर कई अन्य ऑफर देने की योजना भी विकसित कर सकता है। लेकिन ध्यान रहे इस तरह की योजनाओं को व्यापारिक हितों को ध्यान में रखकर ही शुरू किया जाना चाहिए।      

6. कैश के अलावा अन्य भुगतान विकल्प भी दें

हालांकि भारत में आज भी अधिकतर लोग कैश देकर यानिकी नकदी देकर ही दुकानों से खरीदारी करना पसंद करते हैं। लेकिन दुकानदारी के इस सफ़र में कई ऐसे मौके भी आते हैं जब ग्राहकों द्वारा याचना की जाती है की क्या वे नकदी के अलावा भी किसी और तरह का भुगतान लेना पसंद करेंगे? ऐसे में यदि उद्यमी के पास भुगतान कराने का और विकल्प नहीं होगा तो हो सकता है की वह बड़े से बड़े ग्राहकों को खो दे। वर्तमान में बैंकों द्वारा लोगों को तरह तरह के शॉपिंग क्रेडिट कार्ड जारी किये जाते हैं जिनसे शॉपिंग करने पर उपयोगकर्ता को रिवॉर्ड पॉइंट्स इत्यादि मिलते हैं।

यही कारण है की ऐसे लोग क्रेडिट कार्ड इत्यादि से शॉपिंग करना पसंद करते हैं। सिर्फ यही नहीं लोगों को पैसे निकालने के लिए एटीएम एवं बैंक की लाइन में खड़ा होना भी पसंद नहीं है। और ऐसे लोग उन्हीं दुकानों का रुख करते हैं जहाँ पर पेमेंट डिजिटली की जा सके। इसलिए Hardware Store Business शुरू करने वाला उद्यमी चाहे तो अपनी दुकान में कार्ड स्वेपिंग Point of Sale Machine एवं पेटीएम इत्यादि जैसे भुगतान विकल्पों की सुविधा प्रदान कर सकता है।

हार्डवेयर की दुकान में क्या क्या सामान रखना चाहिए?

हार्डवेयर की दुकान में घर, बिल्डिंग इत्यादि निर्माण में लायी जाने वाली वस्तुएं जैसे नल, पाइप, कील, रस्सी, लोहे के औजार एवं कृषि उपकरण जैसे दराती, कुदाल, फावड़ा, गेंदी इत्यादि और घरों में इस्तेमाल लाया जाने वाला सामान जैसे बोतल, बाल्टी, जग, बर्तन, पेंचकश, पलास, टब इत्यादि सामान रखा जा सकता है ।  

हार्डवेयर की दुकान खोलने में कितना खर्चा आएगा?

खर्चा इस बात पर निर्भर करता है की आपके Hardware Store का आकार की रहने वाला है। लेकिन एक औसतन दुकान खोलने के लिए 3-6 लाख रूपये तक का खर्चा संभावित है।

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