Advertising Agency क्या है? और विज्ञापन एजेंसी कैसे शुरू करें?

भारत में Advertising Agency शुरू करना फायदेमंद बिजनेस क्यों हो सकता है? उसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, की हर तरह के बिजनेस को नए ग्राहकों तक अपने प्रोडक्ट या सेवा को पहुँचाने के लिए एडवरटाईज करने की आवश्यकता होती है । चाहे वे छोटे व्यवसाय हों, या बड़ी बड़ी मल्टीनेशनल कम्पनियाँ सभी अपनी विज्ञापन रणनीतियों को बनाने और उन्हें सही से निष्पादित करने के लिए Advertising Agency की मदद लेती हैं।

यद्यपि वर्तमान में जब पूरा विश्व कोविड जैसी महामारी से जूझ रहा है, इसका परिणाम यह है की डिजिटल सेवाएँ बढती जा रही हैं। ऐसे में विज्ञापन एजेंसी प्रमुख रूप से अपने ग्राहकों को ऑनलाइन एडवरटाइजिंग सेवाएँ प्रदान करती हैं। जिससे उन्हें शुरू करने की लागत काफी कम हो जाती है। इसलिए यदि आपको मार्केटिंग और कम्युनिकेशन में काम करने का अनुभव है। और आप अपना कोई व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए Advertising Agency खोलना फायदेमंद हो सकता है।

advertising agency kaise shuru kare

इसमें कोई दो राय नहीं की खुद की Advertising Agency शुरू करने के लिए उद्यमी को एजेंसी का पंजीकरण, लोकेशन का चयन, स्टाफ की नियुक्ति, पैसों का प्रबंध, मार्केटिंग की रणनीति और संचालन रणनीति को मिलाकर बहुत मेहनत और समर्पण करने की आवश्यकता होती है। लेकिन यदि आपको मार्केटिंग और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में उचित अनुभव प्राप्त है, तो इस तरह के व्यवसाय में आपकी सफलता की संभावना अधिक हो जाती है।

आज हम हमारे इस लेख में यही बताने का प्रयत्न करेंगे की कैसे कोई इच्छुक व्यक्ति भारत में खुद की Advertising Agency शुरू कर सकता है। लेकिन इससे पहले की हम इन सब पहलुओं पर बात करें? आइये जानते हैं की एक विज्ञापन एजेंसी खोलने के क्या फायदे हैं।

Advertising Agency खोलने के फायदे

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की हर व्यवसाय चाहे वह छोटा हो या बड़ा सबको अपने प्रोडक्ट एवं सेवाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाकर उनकी बिक्री बढ़ाना होता है। जब पूरे विश्व में कोरोना महामारी चरम पर थी तब भी Advertising Agencies के पास काम की कोई कमी नहीं थी। इसका मुख्य कारण यह था की इन विज्ञापन एजेंसीयों ने अपने ग्राहकों को ऑनलाइन सेवाएँ प्रदान करना शुरू कर दी थी। तो आइये जानते हैं की इस तरह का यह व्यवसाय शुरू करने के क्या क्या फायदे हो सकते हैं।

स्टार्टअप और संचालन लागत का कम होना

कई एजेंसीयाँ ऐसी होती हैं जो अपने ग्राहकों को सिर्फ ऑनलाइन सेवाएँ ही प्रदान करती हैं, इसलिए इनका स्टाफ भी घर से ही काम करता है । यही कारण है की इन्हें किसी अच्छी लोकेशन पर ऑफिस इत्यादि स्थापित करने की आवश्यकता नहीं होती है। Advertising Agency शुरू करने के लिए आम तौर पर आपको हार्डवेयर जैसे कंप्यूटर लैपटॉप एवं तकनिकी उपकरण और सॉफ्टवेयर, इन्टरनेट की आवश्यकता होती है। इसके अलावा एजेंसी का पंजीकरण और शुरुआत में ऐसा कौशलयुक्त स्टाफ जो घर से ही कार्य करने में सक्षम हो। ताकि आपको ऑफिस इत्यादि पर खर्च न करना पड़े।

संभावित ग्राहकों की बड़ी संख्या

वर्तमान में इस डिजिटल युग में डिजिटल उपकरणों की मदद से Advertising Agency अपने ग्राहकों को दुनिया के किसी भी कोने में सेवाएँ प्रदान कर सकती हैं। यद्यपि मार्केटिंग इंडस्ट्री में बहुत भीड़ भाड़ होने के कारण प्रतिस्पर्धा बहुत अधिक है, लेकिन छोटे छोटे व्यवसायों जैसे रेस्टोरेंट, सैलून, लॉ फर्म, चिकित्सा संस्थानों इत्यादि को सेवाएँ प्रदान करने के अवसर व्याप्त हैं।

प्रवेश करने में कोई बाधा नहीं   

यदि Advertising Agency शुरू करने वाला उद्यमी मार्केटिंग और कम्युनिकेशन फिल्ड से हो तो अच्छा है, लेकिन यदि नहीं भी हो तो भी वह डिजिटल एडवरटाइजिंग एजेंसी आसानी से शुरू कर सकता है। चूँकि इसमें चीजें लगातार बदलती रहती हैं, इसलिए इस तरह का यह व्यवसाय शुरू करने के लिए बहुत सालों के अनुभव की भी आवश्यकता नहीं होती है।

Digital Advertising Agency को जल्दी ग्रो किया जा सकता है

यदि आपके पास किफायती फ्रीलांसर और कांट्रेक्टर की एक मजबूत टीम है, जो आपकी Advertising Agency के लिए काम करने को तत्पर है। तो आपका यह व्यवसाय तेजी से आगे बढ़ सकता है और आप अपनी एजेंसी को विस्तार दे सकते हैं । आप अपने ग्राहकों को कॉपीराइटिंग, सोशल मीडिया मार्केटिंग, ईमेल मार्केटिंग, ग्राफ़िक डिजाइनिंग, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के साथ साथ कई अन्य सर्विसेज भी प्रदान कर सकते हैं।

Advertising Agency कैसे शुरू करें

एक Advertising Agency एक ऐसी कंपनी होती है जो अपने ग्राहकों के प्रोडक्ट और सर्विसेज की मार्केटिंग का सारा बोझ अपने ऊपर लेती है। और प्रोडक्ट या सर्विसेज की बिक्री करने के उद्देश्य से उन्हें अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाती है। इस तरह की एजेंसी का प्रयत्न प्रोडक्ट और सर्विसेज के प्रति ग्राहकों की रूचि और आकर्षक दृष्टिकोण बनाकर उन्हें बढ़ावा देना होता है।

अपने संभावित चुनिन्दा ग्राहकों तक पहुँचने के लिए सभी छोटी बड़ी कंपनियाँ Adverting Agency को काम पर रखती हैं। कुछ बड़ी विज्ञापन एजेंसीयाँ अपने ग्राहकों के विज्ञापन प्रोग्राम के सभी चरणों को संभालती हैं, इनमें मार्किट रिसर्च से लेकर ब्रांड स्थापित और प्रोडक्ट को बाजार में उतारने तक की सारी रणनीति विज्ञापन एजेंसी के कन्धों पर होती है।

यदि आप भी Advertising Agency शुरू करने पर विचार कर रहे हैं, तो आगे हम इस तरह का व्यवसाय शुरू करने के लिए किसी इच्छुक व्यक्ति को क्या क्या कदम उठाने पड़ सकते हैं, उसी के बारे में वार्तलाप करेंगे, तो चलिए शुरू करते हैं।

विज्ञापन एजेंसी की व्यवसायिक योजना बनाएँ

अपने Advertising Agency को शुरू करने और उसे सुचारू रूप से संचालित करने से पहले आपको एक विस्तृत व्यवसायिक योजना बनाने की आवश्यकता होती है। वैसे देखा जाय तो आम तौर पर किसी भी व्यवसायिक योजना के प्रमुख तीन उद्देश्यों में व्यवसाय पर ध्यान केन्द्रित करना, वित्त पोषण करना और कंपनी को प्रबंधित करना होता है। उद्यमी चाहे तो अपनी योजना में निम्नलिखित बातों का समावेश कर सकता है।

  • आपकी कम्पनी क्या करती है? उसका नेचर ऑफ़ बिजनेस क्या है? यह एग्जीक्यूटिव समरी के तहत आता है।
  •  कंपनी क्या है? उसका क़ानूनी स्वरूप क्या होगा? यह सब कंपनी डिस्क्रिप्शन के तहत आता है।
  • आप अपने ग्राहकों को कौन कौन सी सर्विसेज ऑफर करने वाले हैं, इसका विवरण प्रोडक्ट/सर्विस ओवरव्यू में आता है।
  •  संभावित ग्राहकों में किस प्रकार के लोग रहने वाले हैं यह मार्किट एनालिसिस में आता है।
  • आपको Advertising Agency शुरू करने में कितना पैसा खर्च करना होगा? और संचालन को बनाये रखने के लिए कितना खर्च करना होगा? कमाई क्या होगी? प्रॉफिट क्या होगा? इन सब बातों का उल्लेख फाइनेंसियल प्लान के तहत होता है।      

मार्किट रिसर्च और संभावना पर विचार करें

जिस प्रकार का व्यवसाय आप शुरू करने जा रहे हैं? बाजार में उसकी वर्तमान स्थिति क्या है? क्या उसके लिए बाजार में उतनी संख्या में ग्राहक मौजूद हैं जितना आप सोच रहे हैं? पहले से जो Advertising Agency चल रही हैं, वे अपने ग्राहकों को ऐसा क्या नहीं दे पा रही हैं जो आप देने वाले हैं? मार्किट में प्रतिस्पर्धा कितनी है और उस प्रतिस्पर्धा से कैसे लड़ना है? क्या मौजूदा एजेंसी ग्राहक की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हैं? क्या आप मौजूदा एजेंसी से कम कीमत पर उसी सर्विस को देने में सक्षम होंगे? इत्यादि बातों पर रिसर्च और विचार करना जरुरी है ।

निवेश का आकलन करें

हालांकि खुद की Advertising Agency शुरू करने में बहुत अधिक निवेश करने की आवश्यकता नहीं होती है। और तब यह लागत और भी कम हो जाती है, जब उद्यमी बिना किसी ऑफिस के ही फ्रीलांसर इत्यादि की मदद से इस व्यवसाय को शुरू करने की योजना बनाता है। यदि उद्यमी फ्रीलांसर, कांट्रेक्टर की टीम बनाकर और बिना किसी ऑफिस के इस बिजनेस को शुरू करने की योजना बना रहा है । तो उसे मात्र कुछ तकनिकी उपकरण जैसे कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, कैमरा, माइक्रोफ़ोन, सॉफ्टवेयर इत्यादि की आवश्यकता हो सकती है।

लेकिन यहाँ पर Advertising Agency शुरू कर रहे उद्यमी को सस्ते लैपटॉप, कंप्यूटर खरीदने से बचना चाहिए। बल्कि इस तरह का कार्य करने के लिए उद्यमी के पास हाई कंफिगरेशन वाला लैपटॉप या कंप्यूटर होना आवश्यक है। जिसमें कम से कम 1 जीबी ग्राफ़िक कार्ड भी उपलब्ध हो।      

लोकेशन पर विचार करें

यदि उद्यमी की योजना किसी प्रसिद्ध जगह पर ऑफिस किराये पर लेकर Advertising Agency शुरू करने की है, तो वह लोकेशन पर विचार कर सकता है, अन्यथा शुरूआती दौर में वह बिना किसी ऑफिस के भी इस तरह का यह व्यवसाय शुरू कर सकता है। चूँकि इस तरह के व्यवसाय में उद्यमी को अपनी सेवाएँ दुनिया के किसी भी कोने में बैठे ग्राहक को देनी पड़ सकती है, इसलिए इसके लिए लोकेशन ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है।

उद्यमी ऑफिस के साथ ही Advertising Agency शुरू करना चाहता है, तो उसे किसी सस्ती जगह पर यानिकी जहाँ पर खाली दुकानों का किराया बेहद कम हो, वहाँ पर ऑफिस स्थापित करने के लिए कोशिश करनी चाहिए। लेकिन ध्यान रहे उस एरिया में इन्टरनेट अच्छा चलता हो।   

जरुरी लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन प्राप्त करें

लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन प्राप्त करने से पहले आपको अपनी Advertising Agency के लिए एक नाम ढूंढना होगा। इस प्रकिया को आप चाहें तो  Ministry of Corporate Affairs की वेबसाइट पर जाकर भी कर सकते हैं, और नाम पसंद आने पर मिल जाने पर उसे वहीँ रजिस्टर भी करा सकते हैं । भारत में व्यवसायों को प्रोप्राइटरशिप फर्म, पार्टनरशिप फर्म, वन पर्सन कंपनी, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी इत्यादि के तौर पर रजिस्टर किया जा सकता है।

छोटे स्तर से व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोप्राइटरशिप फर्म का चयन उचित है, क्योंकि इस पंजीकरण को पूर्ण करने के लिए बहुत सारी औपचारिकतायें करने की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन यदि आप अपनी Advertising Agency को प्रोप्राइटरशिप फर्म के तौर पर रजिस्टर करके इस बिजनेस को शुरू करते हैं। तो आपकी व्यक्तिगत लायबिलिटी बढ़ जाती है। जबकि वन पर्सन कंपनी के तौर पर रजिस्टर कराने पर व्यक्तिगत लायबिलिटी कम हो जाती है। उद्यमी को बैंक में चालू खाता खोलने और टैक्स रजिस्ट्रेशन कराने की भी आवश्यकता होती है।   

अपनी Advertising Agency के लिए ग्राहक ढूंढें

जब उद्यमी द्वारा अपनी Advertising Agency को क़ानूनी स्वरूप प्रदान कर दिया गया है। तो उसका अगला कदम उसके लिए ग्राहक ढूँढने का होना चाहिए, सबसे पहले अपनी एजेंसी द्वारा दी जा रही सर्विसेज का आकलन करें, और फिर उसी हिसाब से संभावित ग्राहकों की श्रेणी बनाएँ। इसके अलावा उद्यमी को यह भी तय करना होगा की वह शुरुआत में किस किस्म के इकाइयों के साथ काम करना चाहता है। जैसे शुरूआती दौर में उद्यमी चाहे तो उस स्थानीय एरिया में मौजूद व्यवसायिक इकाइयों को अपने संभावित ग्राहक के तौर पर देख सकता है।

और उन्हें अपने ग्राहक में बदलने के लिए हर संभव कोशिश कर सकता है। इसके अलावा उन कम्पनियों का भी आकलन करें, जो आपके द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर हों। ध्यान रहे वर्तमान में लगभग सभी छोटे बड़े उद्यम Advertising Agency को अपनी विज्ञापन रणनीति के अनुरूप परिणाम लाने के लिए काम पर रखती हैं।  

अपने संपर्क बनाएँ और बढ़ाएं

यहाँ पर ध्यान देने वाली बात यह है की यदि आपकी योजना टेलीविज़न, रेडियो शो, पॉडकास्ट, ब्लॉग और समाचार प्रकाशनों पर विज्ञापन देकर अपने ग्राहकों के प्रोडक्ट एवं सर्विसेज को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने की है। तो आपको मीडिया से जुड़े लोगों का भी एक कांटेक्ट बेस बनाना होगा। ताकि यदि आपकी Advertising Agency का कोई विशेष ग्राहक ऐसी सुविधा लेना चाहता है, तो आप इन मीडिया संपर्को का इस्तेमाल कर सकें।

जिन मीडिया व्यक्तियों, फ्रीलांसरों, कांट्रेक्टर, मॉडल इत्यादि से आपका काम पड़ने वाला है उनकी कांटेक्ट डिटेल्स तो आपके पास रहनी ही चाहिए। इसके अलावा आपके पास आपके हर एक ग्राहक की कांटेक्ट डिटेल्स भी मौजूद होनी चाहिए, जो आपको एक मजबूत ग्राहक आधार बनाने में सहायक हो सकती है।     

अपनी सेवाओं को बेचने के लिए वेबसाइट बनाएँ

यदि आप वेब डेवलपमेंट या वर्डप्रेस डेवलपमेंट का काम नहीं जानते हैं, तो आप किसी फ्रीलांसर वेब डेवलपर को नियुक्त करके भी अपनी Advertising Agency की वेबसाइट बना सकते हैं। इस वेबसाइट में आपके द्वारा ऑफर की जा रही सभी सर्विसेज और हो सके तो उनकी कीमतें भी लिस्टेड होनी चाहिए। और कांटेक्ट अस पेज में सक्रिय मोबाइल नंबर होना आवश्यक है।

इसके अलावा सर्च इंजन में रैंक होने के लिए आपको अपनी सेवाओं से सम्बंधित आर्टिकल नियमित तौर पर अपनी वेबसाइट पर पब्लिश करने होंगे। एक Advertising Agency के लिए खुद की वेबसाइट होना नितांत आवश्यक है, क्योंकि ऑनलाइन कैंपेन में उद्यमी को अपनी वेबसाइट के लैंडिंग पेज देने की आवश्यकता होती है।     

Advertising Agency की मार्केटिंग रणनीति बनाएँ    

आप भले ही स्वयं एक Advertising Agency हैं लेकिन आपको भी तो कमाई के लिए ग्राहकों की आवश्यकता होती है। और यदि आपके द्वारा दिए जा रहे विज्ञापन किसी कंपनी या उद्यमी को अच्छे लगते हैं, तो हो सकता है की वह अपने बिजनेस के लिए विज्ञापन करने की जिम्मेदारी भी आपको दे दे।

आप अपनी Advertising Agency की मार्केटिंग के लिए भी अपनी फ्रीलांसर टीम और कांट्रेक्टर को कह सकते हैं, इससे आपको उनकी क्षमता और कौशल का भी पता चल जाता है। लगभग सभी सोशल मीडिया प्लेटफोर्म भुग्तानित विज्ञापन देने के लिए प्लेटफोर्म मुहैया कराते हैं। लेकिन सबसे प्रभावी तरीकों में गूगल एड का Pay per Click (PPC) विज्ञापन है।

Q. विज्ञापन एजेंसी कैसे काम करती हैं?

Ans. Advertising Agency कम्पनियों या अपने ग्राहकों के उत्पादों और सेवाओं को लोगों के बीच आकर्षक ढंग से पेश करती हैं, जिससे इनकी बिक्री बढ़ सके।

Q. विज्ञापन एजेंसी की कमाई कैसे होती है?

Ans. विज्ञापन एजेंसीयाँ अपने ग्राहकों के प्रोडक्ट और सेवाओं के विज्ञापन का बोझ अपने सिर लेती हैं, बदले में उनसे पैसे चार्ज करती हैं ।     

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