ऐसे शुरू करें खुद की मिठाई की दुकान, हो सकता है बड़ा फायदा।

Sweet Shop Business Plan in Hindi: भारतीय संस्कृति में मिठाई की अहम भूमिका है। शायद यही कारण है की हमें हर गली मोहल्ले में कम से कम एक मिठाई की दुकान अवश्य मिल जाती है। भारतीय संस्कृति में लोग हर छोटी बड़ी ख़ुशी में मिठाई बाँटने से नहीं झिझकते। त्योहारों में तो मिठाई की दुकानों में इतनी भीड़ होती है, की उस परिसर में पाँव रखने तक को जगह मिलना मुश्किल हो जाता है।

लेकिन सिर्फ त्योहारों में ही नहीं बल्कि लोग जन्मदिन, शादी की सालगिरह, फेयरवेल, एवं अन्य छोटे बड़े मौकों पर भी मिठाई खरीदना नहीं भूलते हैं। यही कारण है की हर स्थानीय मार्किट में कम से कम एक या इससे अधिक मिठाई की दुकान अवश्य होती है।

हालांकि यह भी सच है की डायबीटीज जैसी बीमारी के बढ़ते मरीजों और लोगों का अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता ने उन्हें मिठाई के उपभोग की मात्रा को कम करने के लिए मजबूर किया है। लेकिन इसके बावजूद रिश्तेदारी में जाते समय, त्योहारों में और छोटी बड़ी खुशियों के मौकों पर लोग मिठाई खरीदना नहीं भूलते हैं।

आज की मिठाई की दुकान सिर्फ मिठाई तक ही सिमित नहीं है। बल्कि अधिकतर मिठाई की दुकानों में आपको समोसे, गोलगप्पे, छोले, ब्रेड पकोड़े, चाट इत्यादि खाने को मिल जाएँगे। इसके अलावा कुछ मिठाई की दुकानें ऐसी भी हैं, जो हल्दीराम और ओम स्वीट जैसे ब्रांड की तर्ज पर मिठाई के साथ साथ ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर की भी पेशकश करते हैं।

यद्यपि उद्यमी अपनी मिठाई की दुकान के माध्यम से और क्या क्या खाद्य आइटम बेचना चाहता है, वह उसकी व्यवसाय योजना, निवेश करने की क्षमता इत्यादि पर निर्भर करता है। लेकिन कुल मिलाकर देखें तो यह एक बेहद लाभकारी व्यवसाय है। और यदि आप भी इस तरह का यह व्यवसाय शुरू करने पर विचार कर रहे हैं, तो यह लेख आपकी मदद कर सकता है।

sweet shop

मिठाई की दुकान खोलना फायदेमंद कैसे है?

इसका स्पष्ट सा उत्तर यह है की मिठाई एक ऐसी खाद्य वस्तु है जिसकी माँग हर जगह व्याप्त है। जरुरी नहीं है की आप किसी बड़े शहर के प्रसिद्ध बाज़ार में ही मिठाई की दुकान खोलें? बल्कि आप जिस कॉलोनी मोहल्ले में रहते हैं, आप उसके स्थानीय बाज़ार में भी खुद की स्वीट शॉप खोल सकते हैं।

छोटे बड़े खुशियों के मौके हर किसी के जीवन में आते हैं, और इन खुशियों के मौकों पर लोग मिठाई बाँटना पसंद करते हैं। इसके अलावा भारत विभिन्न संस्कृतियों से परिपूर्ण देश है, इसलिए यहाँ पर कुछ राष्ट्रीय त्यौहार के मौकों पर तो मिठाई बाँटने का चलन है ही। साथ में ऐसे कुछ क्षेत्रीय और धार्मिक त्यौहार भी होते हैं, जिनमें लोग एक दुसरे को मिठाई बाँटते हैं।

भारत विविधताओं से भरा हुआ देश है, यहाँ पर जो मिठाई आपको उत्तर भारत में मिलेगी हो सकता है की दक्षिण भारत में वह मिठाई आपको देखने को न मिले। वह इसलिए क्योंकि हर राज्य की रहन – सहन, खान – पान में अपनी विशेषता है। इसलिए लोग जब बंगाल से किसी अन्य राज्य में जा रहे होते हैं, तो वे अपने रिश्तेदारों के लिए बंगाली मिठाई ले जाना नहीं भूलते।

लोगों ने स्वास्थ्य जागरूकता के चलते भले ही मिठाई खाना कम कर दिया हो, लेकिन उनकी परम्पराएँ, मान्यताएँ उन्हें मिठाई खरीदने को मजबूर करती हैं। इसलिए मिठाई का बिजनेस करना किसी भी इच्छुक उद्यमी के लिए फायदेमंद हो सकता है।

मिठाई की दुकान कैसे खोलें (How to open a Sweet Shop in India):

Mithai ki Dukan Kaise Khole : यदि आप स्वयं एक हलवाई हैं, और आपको विभिन्न प्रकार की मिठाई बनाने का अनुभव प्राप्त है। तो आपके लिए मिठाई का बिजनेस खोलना मुश्किल काम नहीं है, बशर्ते आपके पास आपके बिजनेस में लगाने के लिए पर्याप्त निवेश होना चाहिए।

लेकिन भारत में ऐसे मामले कम ही देखे जाते हैं, जहाँ पर खुद हलवाई अपनी मिठाई की दुकान खोले हुए हैं। इसलिए यदि आपके पास इस तरह का व्यापार शुरू करने के लिए पर्याप्त निवेश है, तो आप कोई भी हों, अपनी मिठाई की दुकान खोल सकते हैं। आइये जानते हैं कैसे?

लोकेशन का चयन करें

मिठाई के बिजनेस को सफलतापूर्वक चलाने और इससे लाभ कमाने के लिए एक अच्छी लोकेशन का होना अति आवश्यक है। अच्छी बिजनेस लोकेशन का चुनाव करने के कई तरीके हैं। लेकिन आप चाहें तो किसी स्थानीय मार्किट को इस व्यवसाय के लिए चुन सकते हैं।

यह जरुरी नहीं है की आप इस तरह का यह व्यवसाय किसी बड़े शहर में ही करें। बल्कि जहाँ भी आप रहते हैं, उस कॉलोनी, मोहल्ले की स्थानीय मार्किट जहाँ लोग खरीदारी के लिए जाते हों, में अपनी मिठाई की दुकान खोल सकते हैं।

दुकान के लिए लोकेशन का चयन करते समय दुकान की मुख्य सड़क से दूरी, आसान पहुँच, बिजली पानी की व्यवस्था इत्यादि जैसे बिन्दुओं का ध्यान अवश्य रखना चाहिए। जहाँ तक जगह का सवाल है यह इस बात पर निर्भर करता है की आप सिर्फ मिठाई बेचने की योजना बना रहे हैं।

या फिर मिठाई के साथ समोसे, गोल गप्पे, जलेबी, चाट, छोले इत्यादि बेचने की भी योजना बना रहे हैं। कहीं ऐसा तो नहीं की आप अपने ग्राहकों को ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर इत्यादि की सुविधा भी प्रदान करना चाहते हों।

यदि आप तीसरे विकल्प को चुनते हैं, तो आपको कम से कम 900 स्क्वायर फीट या इससे भी अधिक जगह की आवश्यकता हो सकती है। क्योंकि उसमें आपको किचन, ग्राहकों के बैठने का स्थान, स्टोर रूम, काउंटर एरिया इत्यादि सब कुछ बनाने की आवश्यकता होती है।           

चयनित लोकेशन में रिसर्च करें

जो भी लोकेशन आपने अपनी मिठाई की दुकान के लिए चुनी हो, अब आपको उस चयनित लोकेशन में इस बात की रिसर्च करनी होगी, की उस एरिया में पहले से कितनी मिठाई की दुकानें चल रही हैं। और क्या वे दुकानें उस एरिया में उपस्थित मिठाई की माँग की पूर्ति कर पाने में सक्षम हैं।

यदि उस एरिया में मिठाई की माँग और पूर्ति में अंतर है, तो यह आपके लिए एक अवसर हो सकता है उस अंतर को कम करने का। कहने का आशय यह है की यदि उस एरिया में मिठाई की माँग अधिक है और मौजूदा दुकानें उसकी पूर्ति नहीं कर पा रही हैं।

तो यह आपके लिए एक सुनहरा अवसर हो सकता है, और आप उस एरिया में अपनी मिठाई की दुकान शुरू करके माँग की पूर्ति कर सकते हैं। लेकिन यदि ऐसा नहीं है, तो फिर आपको मौजूदा दुकानों की खामियों और गुणों का अवलोकन करना होगा।

आपको जानना होगा की उस एरिया में उपलब्ध मिठाई का ग्राहक मिठाई की दुकानों से क्या अपेक्षा रखता है। और क्या मौजूदा मिठाई की दुकानें उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतर रही हैं। यह आपको इसलिए करना है, क्योंकि बाद में आपको उन्हीं ग्राहकों को अपनी मिठाई की दुकान की ओर आकर्षित करना है। जो आज मौजूदा दुकानों के ग्राहक हैं।         

खुद का ब्रांड या फ्रैंचाइज़ी

मिठाई का बिजनेस आप दो तरीके से शुरू कर सकते हैं । पहला तरीका यही है की आप खुद का ब्रांड स्थापित कर सकते हैं। और दूसरा तरीका किसी प्रसिद्ध मिठाई बनाने वाली कंपनी की फ्रैंचाइज़ी लेने का है। पहले तरीके में आपको बहुत अधिक मार्केटिंग करने की आवश्यकता होती है, जबकि दूसरा तरीका में मार्केटिंग की आवश्यकता नहीं होती है।

वह इसलिए क्योंकि उस प्रसिद्ध ब्रांड को लोग पहले से जानते हैं। मान लीजिये की आप हल्दीराम की फ्रैंचाइज़ी लेकर मिठाई का कारोबार शुरू करते हैं, तो इस क्षेत्र में हल्दीराम का नाम प्रसिद्ध है। इसलिए ग्राहक स्वयं आपकी दुकान तक आएँगे। क्योंकि उन्हें हल्दीराम ब्रांड पर भरोसा है।

यद्यपि किसी प्रसिद्ध स्वीट हाउस की फ्रैंचाइज़ी खोलने में आने वाला खर्चा एक साधारण मिठाई की दुकान की तुलना में कई गुना अधिक हो सकता है। वह इसलिए क्योंकि इनके कई मानक निर्धारित होते हैं, और दुकान की संरचना उन्हीं मानकों के अनुरूप होनी होती है। जबकि स्वयं की दुकान को आप अपनी मर्जी के मुताबिक कैसे भी संरचित करके शुरू कर सकते हैं।

दुकान में जरुरी काम पूर्ण कराएँ

अब चयनित लोकेशन पर जो दुकान उद्यमी ने किराये पर ली हो, या उद्यमी की खुद की हो। अब उस दुकान में उद्यमी को इंटीरियर का काम कराना होता है, इसमें कई तरह के काउंटर जैसे चाट, गोलगप्पे इत्यादि के लिए अलग काउंटर, ग्राहकों के बैठने के लिए टेबल कुर्सी इत्यादि। एक बड़ा सा शीशा लगा काउंटर मिठाई डिस्प्ले करने के लिए चाहिए होता है।

इसके अलावा किचन इत्यादि की सेटिंग भी इस तरह से करनी होती है की काम करने वाले हलवाई एवं अन्य हेल्पर को किस तरह की कोई परेशानी न हो। नमकीन कोल्ड ड्रिंक, पानी की बोतल इत्यादि सामान को व्यवस्थित ढंग से रखने के लिए आप दीवारों पर लकड़ी के या शीशे के खांचे भी बनवा सकते हैं।

आवश्यक लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन प्राप्त करें

आप चाहें तो अपने मिठाई के बिजनेस को प्रोप्राइटरशिप के तहत रजिस्टर करवा सकते हैं । औए उसके बाद अपनी दुकान के नाम से पैन कार्ड और चालू खाता भी खुलवा सकते हैं। लेकिन गली मोहल्लों में स्थित अधिकतर दुकानें इनका अनुसरण नहीं करती हैं, और बिना किसी लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के ही अपना बिजनेस चलाती हैं।

लेकिन यदि आप चाहते हैं की कल को आपकी मिठाई की दुकान का बिजनेस एक नए स्तर पर पहुंचे औ यह किसी क़ानूनी प्रक्रिया में फँस कर न रह जाय। तो आपको उपर्युक्त रजिस्ट्रेशन के अलावा टैक्स रजिस्ट्रेशन, FSSAI रजिस्ट्रेशन और स्थानीय प्राधिकरण से शॉप्स एंड एस्टाब्लिश्मेंट एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन करा लेना चाहिए।    

स्टाफ की नियुक्ति करें

सभी प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बाद अब उद्यमी को अपनी दुकान के लिए स्टाफ की नियुक्ति करनी होगी। उद्यमी को कितने स्टाफ की आवश्यकता होगी, यह सब भी उसकी कार्ययोजना पर निर्भर करता है।

यदि उद्यमी मिठाई के साथ साथ ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर की भी सुविधा अपने ग्राहकों को देना चाहता है तो उसे कम से कम 8-10 स्टाफ को नियुक्त करने की आवश्यकता हो सकती है। मिठाई की दुकान में हलवाई की अहम् भूमिका होती है।

और यह भी सत्य है की ऐसा कोई हलवाई नहीं होगा जिसे हर प्रकार की मिठाई बनाना आता होगा। इसलिए उद्यमी को हलवाई को नियुक्त करने से पहले अपनी मिठाई की दुकान के लिए मिठाई का मेनू निर्धारित करना होगा। और जो भी हलवाई मेनू के मुताबिक मिठाई बनाने के लिए तैयार होगा, उद्यमी उसे नियुक्त कर सकता है।

कोशिश करें की आप केवल एक अच्छा हलवाई नियुक्त करें उसके बाद बाकी स्टाफ की नियुक्ति उस हलवाई की देखरेख में करें । क्योंकि हलवाई ने ही अपने नीचे काम करने वाले हेल्पर से काम करवाना है। ऐसा ही नियम आप कुक और अन्य स्टाफ को नियुक्त करने के लिए भी अपना सकते हैं।            

अपनी दुकान की मार्केटिंग करें

यदि आपकी टारगेट कस्टमर में उस एरिया में निवासित जनता है, तो आप उनके बीच अपनी मिठाई की मार्केटिंग के लिए कई तरीके अपना सकते हैं। इनमें सबसे पहला तरीका यही है की आप अपने दुकान की ग्रैंड ओपनिंग करें, और अगर हो सके तो उस एरिया में निवासित सभी घरों से एक व्यक्ति को उस ग्रैंड ओपनिंग में शामिल होने के लिए आमंत्रित करें।

जब आप किसी को व्यक्तिगत तौर पर आमंत्रित करते हैं, तो वह आपसे जुड़ जाता है। इसके अलावा आप उस एरिया में हर महीने, हफ्ते में पम्पलेट, पोस्टर, छपवाकर बंटवा सकते हैं। किसी त्यौहार से पहले अपने ग्राहकों के लिए कोई अच्छा ऑफर तैयार करें, और पम्पलेट इत्यादि के माध्यम से उन्हें इस बात की जानकारी दें।   

ग्राहकों के साथ नम्रता से पेश आएँ

Sweet Shop Business Plan in Hindi : यह मत भूलें की आपकी कमाई का स्रोत आपके ग्राहक ही रहने वाले हैं। इसलिए उनके साथ रुखा रुखा या उखड़ा व्यवहार करने से बचें। भले ही आपको आपके ग्राहक की बात पसंद न आए लेकिन फिर भी उन्हें गुस्से या उखड़े शब्दों में जवाब देने से बचें।

क्योंकि बहुत सारे लोगों की आदत होती है की वे सिर्फ उसी दुकान में खरीदारी करने के लिए जाते हैं, जहाँ पर उन्हें दुकानदार का व्यवहार अच्छा लगे, भले ही वह उनसे दो पैसे ज्यादा ले रहा हो। यह तो हम उदाहरण दे रहे हैं, लेकिन आप अच्छा व्यवहार करके अपने ग्राहक से दो पैसे ज्यादा लेने की कोशिश बिलकुल न करें।

यदि आपके टारगेट कस्टमर में स्थानीय कस्टमर अधिक हैं, तो फिर आपको और भी अधिक सावधान रहने की आवश्यकता होगी। क्योंकि किसी भी ग्राहक के साथ रुखा या बुरा बर्ताव आपके बिजनेस को सीधे आर्थिक तौर पर नुकसान पहुँचा सकता है।    

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