दोना पत्तल बनाने का बिजनेस। Dona Pattal Business Plan in Hindi.

Dona Pattal की यदि हम बात करें तो इनका इस्तेमाल शादी, ब्याह जैसे आयोजनों में तो किया ही जाता है । पिकनिक स्पॉट, पार्टियों, छोटे बड़े भोजनालयों इत्यादि में भी बड़े पैमाने पर इनका इस्तेमाल किया जाता है। Dona Pattal के यदि हम निर्माण की बात करें तो इनका निर्माण चौड़े एवं बड़े पत्तों एवं पेपर किसी भी सामग्री को कच्चे माल के तौर पर इस्तेमाल में लाकर किया जा सकता है। लेकिन इन्हें लीक प्रूफ अर्थात ताकि इनमें से कोई तरल खाद्य नीचे न गिरे इसके लिए एक विशेष प्रकार की पोलीथिन शीट का भी इस्तेमाल किया जाता है।

इन दोना पत्तल को विभिन्न पारिवारिक एवं व्यवसायिक कार्यों के दौरान विभिन्न प्रकार के खाने जैसे नमकीन, चाट, फल, मिठाई, चाऊमीन, पकौड़ी, मोमोज एवं ग्रामीण इलाकों में शादी इत्यादि समारोहों में खाना परोसने के इस्तेमाल में भी लाया जाता है। यही कारण है की छोटे बड़े भोजनालयों, स्नैकस शॉप, मिठाई की दुकानों, चाट की दुकानों इत्यादि में Dona Pattal का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है।

चूँकि इन्हें क्रोकरी एवं बर्तनों की जगह आसानी से इस्तेमाल में लाकर डिस्पोज किया जा सकता है, इसलिए कैटरर द्वारा भी विभिन्न पार्टियों एवं सामाजिक आयोजनों में इनका इस्तेमाल किया जाता है। जैसा की हम सब जानते हैं की पारम्परिक बर्तनों जैसे स्टील, एल्युमीनियम, लोहे, तांबे, पीतल इत्यादि धातुओं से निर्मित बर्तनों को भंडारित करने एवं इन्हें ढंग से रखने के लिए अच्छी खासी देखभाल करने की आवश्यकता होती है।

शायद यही कारण है की विभिन्न आयोजनों, पिकनिक स्पॉट इत्यादि पर दोना पत्तल का इस्तेमाल बहुत अधिक होता है क्योंकि इन्हें ट्रांसपोर्ट करने से लेकर किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होती है। इनका वजन बेहद हल्का होता है और कीमत में सस्ते होने के कारण ये काफी लोकप्रिय हैं इन्हें आसानी से संग्रहित भी किया जा सकता है, और इस्तेमाल में लाने के बाद इन्हें डिस्पोजेबल करने में भी किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होती है।

पेपर और पत्तों से निर्मित होने के कारण ये पर्यावरण को भी किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। ऐसे में यदि कोई उद्यमी Dona Pattal Manufacturing Business शुरू करता है तो यह उसके लिए फायदे का सौदा हो सकता है।

Dona Pattal Business Plan in Hindi

दोना पत्तल बनाने का बिजनेस क्या है (What is Dona Pattal Manufacturing Business)  

दोना से आशय पेपर या पत्तों से निर्मित कटोरे के आकार के पात्र से लगाया जा सकता है इसे विशेष तौर पर कुछ तरल खाना परोसने के इस्तेमाल में लाया जाता है। यानिकी इसका इस्तेमाल एक कटोरी के तौर पर किया जा सकता है। जबकि पत्तल दोना से बड़ा एवं कम गहरा होता है इसमें दो या तीन सांचे बने हो सकते हैं या फिर यह बिना सांचों के भी हो सकता है। इसका अधिक इस्तेमाल ठोस खाद्य जैसे चावल, सब्जी इत्यादि रखने के किया जाता है।

Dona Pattal को आम तौर पर पेड़ों के चौड़े पत्तों या फिर विभिन्न GSM के मजबूत पेपर से बनाया जाता है और इनसे लीकेज न हो इसके लिए विशेष प्रकार की पोलीथिन शीट का इस्तेमाल भी इनके ऊपर लेमिनेशन के तौर पर किया जाता है। अपनी कमाई के मद्देनजर जब किसी उद्यमी द्वारा दोना पत्तल बनाने का काम किया जाता है तो उसके द्वारा किया जाने वाला यह बिजनेस Dona Pattal Manufacturing Business कहलाता है। 

दोना पत्तल की बिक्री की संभावना

दोना पत्तल की यदि हम बात करें तो इनका इस्तेमाल शहरों में तो होता ही है साथ में इनका इस्तेमाल ग्रामीण इलाकों में भी बड़े पैमाने पर होता है। आम तौर पर इनका इस्तेमाल अधिकतर सामाजिक कार्यों, धार्मिक समारोहों, पार्टीयों, शादी ब्याह, सैर सपाटे, पिकनिक स्पॉट, मिठाई की दुकानों, कैटरर, रेहड़ी पटरी पर भोजन बेचने वालों इत्यादि द्वारा किया जाता है।

चूँकि इन उत्पादों का इस्तेमाल बेहद आसान होता है और वजन में बेहद हलके होने के कारण इन्हें कहीं भी अपने साथ आसानी से ले जाया जा सकता है यही कारण है की पारम्परिक बर्तनों की तुलना में आउटडोर आयोजनों में इनका इस्तेमाल बहुत अधिक किया जाता है। इन्हें इस्तेमाल के बाद आसानी से डिस्पोजेबल किया जा सकता है इसलिए पारम्परिक बर्तनों की तुलना में बहुत सारा श्रम बच जाता है क्योंकि इन्हें साफ़ करने, सुखाने, ईधर उधर ढोने इत्यादि की आवश्यकता नहीं होती है।

भारत जैसे विशाल जनसँख्या वाले देश में Dona Pattal  की मांग इसलिए भी बहुत अधिक बढ़ रही है क्योंकि देश में धार्मिक लोगों की संख्या अधिक है और यहाँ समय समय पर भंडारे एवं अन्य आयोजन होते रहते हैं जिनमें लोगों को भोजन, मिठाइयाँ इत्यादि प्रदान किये जाते हैं और इसके अलावा सामाजिक मेलजोल एवं समरोहों का आयोजन भी होता रहता है जिनमें बड़े पैमाने पर Dona Pattal का इस्तेमाल देखा गया है।

हर साल शादी ब्याह, जन्मदिन, वर्षगाँठ इत्यादि के आयोजनों के अलावा हर सड़क के कोने पर उपलब्ध मिठाई की दुकानों, छोटे भोजनालयों, चाट पकोड़े बेचने वालों द्वारा भी इनका इस्तेमाल किया जाता है। लोगों की सांस्कृतिक मान्यताओं एवं आदतों को ध्यान में रखते हुए कहा जा सकता है की दोना पत्तल बनाने का व्यवसाय न केवल शहरों में बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी सफलता प्राप्त करने में सक्षम है।

दोना पत्तल बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें (How to Start Dona Pattal Making Business)

Dona Pattal Manufacturing Business शुरू करना बेहद आसान है वह इसलिए क्योंकि दोना पत्तल बनाने की प्रक्रिया बेहद जटिल प्रक्रिया बिलकुल भी नहीं है। इसलिए इस तरह के इस व्यवसाय को कोई भी अनुभवहीन व्यक्ति भी आसानी से शुरू कर सकता है। तो आइये जानते हैं की कैसे कोई व्यक्ति खुद का दोना पत्तल बनाने का व्यवसाय शुरू कर सकता है।

1. लोकल रिसर्च जरुरी

वैसे देखा जाय तो Dona Pattal का इस्तेमाल छोटे छोटे भोजनालयों के अलावा घरों में भी त्योहारों या अन्य आयोजनों के समय बड़े पैमाने पर होता है। और जहाँ जहाँ मनुष्य निवास करते हैं इस उत्पाद की मांग वहां वहां एक समान ही रहती है लेकिन इन सबके बावजूद भी उद्यमी को चाहिए की वह जिस एरिया में इस तरह का व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहा हो वहां पर इसकी मांग कितनी है और क्या वहां पर उपलब्ध मांग उसकी फैक्ट्री को सफलतापूर्वक चलाने के लिए पर्याप्त है।

इन सब बातों पर रिसर्च अवश्य करे इसके लिए उद्यमी चाहे तो उस एरिया में उपलब्ध पिकनिक स्पॉट, धार्मिक स्थलों, छोटे छोटे भोजनालयों, चाट पकौड़े बेचने वाले विक्रेताओं इत्यादि की संख्या का आकलन करे। क्योंकि घरेलु इस्तेमाल में तो इनका उपयोग आयोजनों एवं त्योहारों में ही होता है लेकिन इन छोटे छोटे व्यवसायिक इकाइयों में इनका इस्तेमाल नियमित तौर पर होता है।

एक ऐसा एरिया जहाँ पर इन सबकी संख्या अधिक हो इनकी मांग भी अधिक होने की संभावना जताई जा सकती है । इसके अलावा उस एरिया में प्रतिस्पर्धा का आकलन भी अवश्य करे, यदि कोई पहले से लोकल विनिर्माणकर्ता है तो उससे इस व्यवसाय में आगे कैसे निकला जाय इसकी रणनीति भी इस रिसर्च के माध्यम से ही बनाई जा सकती है।       

2. जगह का प्रबंध (Land & Building for Dona Pattal Manufacturing Business)

इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए उद्यमी को एक आटोमेटिक मशीन स्थापित करने की आवश्यकता होती है जिसके लिए बहुत अधिक जगह की आवश्यकता नहीं होती। लेकिन उद्यमी को उत्पादित माल एवं कच्चे माल के लिए स्टोर के अलावा एक छोटे से ऑफिस की भी आवश्यकता होती है। इसलिए इस तरह के व्यवसाय के लिए 300-400 Square Feet जगह की आवश्यकता हो सकती है।

जहाँ तक लोकेशन का सवाल है उद्यमी अपनी सुविधानुसार स्थानीय बाजार के नज़दीक किसी भी क्षेत्र में यह जगह या दुकान किराये पर ले सकता है। हाँ इतना जरुर है की जगह या दुकान किराये पर लेते समय रेंट एग्रीमेंट अवश्य बनवा लें, क्योंकि यह दस्तावेज व्यवसायिक पता प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल में लाया जा सकता है।    

3. आवश्यक लाइसेंस एवं पंजीकरण

वैसे उद्यमी चाहे तो Dona Pattal Manufacturing Business को कुटीर उद्योग के तौर पर भी शुरू कर सकता है जिसमें उद्यमी को किसी भी प्रकार के लाइसेंस इत्यादि की अनिवार्यता नहीं होती। लेकिन यदि उद्यमी किसी कॉर्पोरेट क्लाइंट जैसे होटल इत्यादि  को अपने उत्पाद बेचने की योजना बना रहा है तो उसे निम्नलिखित लाइसेंस एवं पंजीकरणों की आवश्यकता हो सकती है।

  • उद्यमी को प्रोप्राइटरशिप के तहत अपने व्यवसाय को रजिस्टर करने की आवश्यकता हो सकती है।
  • जीएसटी यानिकी टैक्स रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता के साथ साथ बैंक में चालू खाता खोलने की आवश्यकता हो सकती है।
  • स्थानीय प्राधिकरण जैसे नगर निगम इत्यादि से ट्रेड लाइसेंस की आवश्यकता हो सकती है।
  • चूँकि Dona Pattal Factory में कच्चे माल एवं उत्पादित माल दोनों में पेपर का इस्तेमाल होता है इसलिए आग लगने की संभावना अधिक है। इसलिए हो सकता है की उद्यमी को फायर डिपार्टमेंट से नों ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट की भी आवश्यकता हो।
  • यदि उद्यमी चाहता है की उसे सरकारी योजनाओं का लाभ मिले तो वह अपने बिजनेस को उद्योग आधार एवं एमएसएमई डाटा बैंक में भी रजिस्टर करा सकता है।

4. मशीनरी एवं कच्चे माल का प्रबंध

जहाँ तक Dona Pattal Manufacturing में इस्तेमाल में लायी जाने वाली मशीनरी का सवाल है इसमें एकमात्र मशीन fully Automatic Dona Pattal Double Die Machine जिसकी कीमत 30-80 हज़ार रूपये हो सकती है का इस्तेमाल किया जाता है। यह मशीन स्टील बॉडी में आती है यद्यपि उद्यमी को मशीन खरीदते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना होता है की मशीन 15 Inch पत्तल का भी निर्माण करने में सक्षम है या नहीं। इस मशीन में तरह तरह के मोल्ड चेंज किये जा सकते हैं।

कहने का आशय यह है की दोना पत्तल व्यवसाय शुरू करने के लिए उद्यमी को पूर्ण रूप से स्वचालित केवल एक ही मशीन की आवश्यकता होती है। जहाँ तक कच्चे माल का सवाल है इस व्यवसाय में उद्यमी को पत्ते या पेपर और सिल्वर दोना पेपर रोल की आवश्यकता होती है। उद्यमी किसी स्थानीय सप्लायर या फिर ऑनलाइन सप्लायर का चुनाव करके मशीनरी एवं कच्चा माल आसानी से खरीद सकता है ।  

5. दोना पत्तल का निर्माण (Dona Pattal manufacturing Process)

दोना पत्तल बनाने की प्रक्रिया आटोमेटिक मशीन के माध्यम से बहुत अधिक जटिल नहीं है इस प्रोडक्ट को विशेष डाई का इस्तेमाल करके निर्मित किया जाता है । सिल्वर दोना पेपर रोल को उद्यमी चाहे तो अपनी आवश्यकतानुसार कट कर सकता है या फिर बाजार में विशेष आकार में कटे रोल भी आते हैं। Dona Pattal Manufacturing Process में किसी विशिष्ट डाई को प्रेस पर लगा दिया जाता है और उसके बाद डाई को आवश्यक तापमान पर गर्म किया जाता है।

उसके बाद कच्चे माल यानिकी सिल्वर दोना पेपर रोल को मेल फीमेल डाई हिस्से के बीच रखा जाता है और उसके बाद दबाव बनाया जाता है ताकि उत्पाद अपना आकार अच्छी तरह ले सके। उसके बाद बने हुए उत्पाद को हटा दिया जाता है और अगला सेट मशीन में लोड किया जाता है यह प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है।

यह मशीन एक फिक्स्ड प्लेटफोर्म एवं मूविंग प्लंजर के साथ एक साधारण प्रेस के तौर पर कार्य करती है। प्लंजर की मूवमेंट हाइड्रोलिक तंत्र के माध्यम से पूर्ण होती है। उत्पादित उत्पाद को एकत्र करने के बाद इसे उचित आकार देने के लिए किनारों से ट्रिम किया जाता है। और दोना और पत्तलों को अलग अलग पैक करके डिस्पैच हेतु स्टॉक करने के लिए भेज दिया जाता है। 

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