Vermicompost क्या है? इसका व्यापार कैसे शुरू करें।

Vermicompost की यदि बात करें तो इसे केंचुआ खाद के नाम से भी जाना जाता है। वैसे देखा जाय तो हमारे देश भारतवर्ष को कृषि प्रधान देश कहा जाता है लेकिन यहाँ कृषि से जुड़े अनेकों व्यवसाय ऐसे हैं जिनमें लोगों की अधिक रूचि नहीं होती है। और यही कारण है की लोगों को इनके बारे में अधिक जानकारी भी नहीं होती है। ऐसे ही एक व्यवसाय की बात हम आज इस लेख के माध्यम से करने जा रहे हैं जिसका नाम वर्मीकम्पोस्ट बनाने का बिजनेस।

जी हाँ यह भी एक ऐसा व्यवसाय है जिससे हमारी देश की शिक्षित एवं युवा आबादी लगभग दूर ही रहती है। लेकिन जब से सरकार ने किसानों को जैविक खाद के इस्तेमाल को लेकर प्रोत्साहित किया है तब से इस तरह के व्यवसाय में भी लोगों की रूचि बढ़ने लगी है।

और वर्तमान में देश भर में एक नहीं बल्कि अनेकों ऐसे उदाहरण मिल जायेंगे जिन्होंने स्वयं का Vermicompost बनाने का बिजनेस शुरू किया और वे आज अच्छी खासी कमाई कर पाने में सफल हो पा रहे हैं। जैसा की हम सब अच्छी तरह से जानते हैं की बाजार में आर्गेनिक उत्पादों यानिकी जैविक खेती से उत्पादित उत्पादों की कीमत सामान्य उत्पादों की तुलना में महंगी होती है।

वह इसलिए क्योंकि इन्हें स्वास्थ्य के लिए अधिक गुणकारी एवं लाभकारी माना जाता है। इसी के चलते किसानों का भी आकर्षण जैविक खाद की ओर बढ़ा है। इसलिए भारत में Vermicompost Business शुरू करना एक लाभकारी व्यवसाय हो सकता है।

Vermicompost Bags
Vermicompost Bags

वर्मीकम्पोस्ट क्या है (What is Vermicompost in Hindi):

वर्मीकम्पोस्टिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मूल रूप से कार्बनिक पदार्थों को पचाने वाले कृमियों को इस तरह से प्रबंधित किया जाता है की वे उस सामग्री को एक लाभदायक मृदा संशोधन में परिवर्तित कर देती हैं। Varmicopmost को पेड़ पौधों या पशुओं से उत्पादित कार्बनिक पदार्थ के रूप में भी परिभाषित किया जा सकता है।

इस प्रक्रिया में पेड़ पौधों एवं पशुओं से उत्पादित अपशिष्ट में केंचुओं को छोड़ा जाता है और यही केचुएँ इस अपशिष्ट को एक लाभदायक मृदा संसाधन के तौर पर परिवर्तित करते हैं। इसलिए सरल शब्दों में हम इसे केवल एक जैविक खाद भी कह सकते हैं। हम यदि इसे और आसान एवं सरल शब्दों में समझने की कोशिश करें तो हम पाएंगे की वर्मीकम्पोस्ट बनाने के लिए सबसे अधिक गोबर का इस्तेमाल किया जाता है।

गोबर के अलावा पेड़ों के सड़े गले पत्ते, स्ट्रॉ, फार्म वेस्ट इत्यादि का भी इस्तेमाल किया जाता है और इन सब अपशिष्ट में केंचुओं को छोड़ा जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान केचुओं के अपशिष्ट को ही वर्मीकम्पोस्ट कहा जाता है। वैसे हम इसे आसान एवं सरल भाषा में समझा चुके हैं लेकिन फिर भी इसे एक बार और समझाना चाहेंगे। अर्थ वोर्म्स जैसे केंचुएँ इत्यादि का पालन एवं उपयोग करके खाद निर्माण की प्रक्रिया को वर्मीकम्पोस्टिंग तकनीक कहा जाता है।

इस तकनीक के अंतर्गत केंचुएँ बायोमास खाते हैं और इसे पचे हुए रूप में उत्सर्जित करते हैं जिसे Vermicompost के रूप में जाना जाता है। यह छोटे एवं बड़े दोनों तरह के किसानों के लिए जैविक खाद उत्पादन करने की सबसे आसान एवं सस्ते तरीकों में से एक है। 

भारत में वर्मीकम्पोस्टिंग की प्रासंगिकता

Vermicompost एक जैविक खाद है जो मृदा एवं पर्यावरण के अनुकूल है। लेकिन एक समय ऐसा आया जब देश में रासायनिक खादों एवं कीटनाशकों का इस्तेमाल बेहद आवश्यक हो गया था। यह तब की बात है जब भारत में खाद्य की कमी, कृषि उत्पादन में बढ़ोत्तरी एवं उच्च उपज वाली बीजों के इस्तेमाल जैसे ज्वलंत मुद्दों पर हरित क्रांति 1960 के मध्य के दशक में शुरू हुई थी। इन उच्च उपज वाली बीजों को अधिक एवं जल्दी उत्पादन के लिए रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के गहन इस्तेमाल की आवश्यकता थी।

हालांकि देश में हरित क्रांति के चलते खाद्य उत्पादन में महत्वपूर्ण एवं उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, लेकिन इसके पश्चात देश के किसानों की निर्भरता रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशक दवाओं पर बढ़ गई। और इसका परिणाम यह हुआ की जैविक उर्वरकों एवं खादों के इस्तेमाल में कमी आने लगी। अब चूँकि भारत में वर्षों से आधुनिक कृषि आदानों यानिकी रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का उपयोग होता रहा इससे भारत में मृदा की गुणवत्ता में गंभीर दुष्परिणाम सामने आये और न सिर्फ भूमि अपितु पर्यावरणीय गुणवत्ता में भी काफी गिरावट आंकी गई।

और इससे एक ऐसा बिंदु भी सामने आया है की किसानों की कृषि से कमाई कम हो गई है जबकि लागत में वृद्धि देखी गई है। यह मृदा की  गुणवत्ता में कमी के चलते उत्पादन में कमी के कारण भी हो सकता है। इन्हीं सब उपरोक्त कारणों के चलते ही न सिर्फ सरकार बल्कि किसान अपने खेतों में जैविक खादों का इस्तेमाल करना चाहते हैं और रासायनिक खादों एवं कीटनाशकों से अपनी खेती को दूर रखना चाहते हैं। इसलिए किसान  Vermicompost यानिकी केंचुआ खाद का उपयोग अपने खेतों में करना चाहते हैं।  

वर्मीकम्पोस्ट बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें? (How to Start Vermicompost Business)

Vermicompost Business एक ऐसा बिजनेस है जिसे शायद बेहद कम लोग जानते हों या यूँ कहें जिसके बारे में जानकारी शायद बेहद कम लोगों को हो।लेकिन इस तरह के व्यवसाय को ग्रामीण इलाकों से आसानी से शुरू किया जा सकता है और चूँकि इसमें उद्यमी के ग्राहक भी मुख्य तौर पर किसान ही होते हैं इसलिए उत्पादित प्रोडक्ट को आसानी से बेचा भी जा सकता है।

यद्यपि इस तरह की इकाई को स्थापित करने के लिए किसी प्रकार के लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता तो नहीं होती है लेकिन केंद्र एवं राज्य सरकारों की योजनाओं का लाभ लेने के लिए हो सकता है की बिजनेस को स्थानीय स्तर पर रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता पड़े। यहाँ तक की वर्तमान में वर्मीकम्पोस्टिंग तकनीक को ‘’कचरे से सोना बनाने’’ की तकनीक तक कहा जाता है क्योंकि जैविक खेती में इसका अहम् योगदान है।

इसके निर्माण की प्रक्रिया बेहद आसान होने के कारण अनेकों किसान अपनी खेती के लिए इसका उत्पादन स्वयं भी कर रहे होते हैं। लेकिन यदि कोई उद्यमी कमर्शियल तौर पर Vermicompost Unit स्थापित करना चाहता है तो उसे बहुत सारी बातों का ध्यान रखना होता है जिनका संक्षिप्य वर्णन निम्नवत है।

1. वर्मीकम्पोस्ट बिजनेस के लिए लोकेशन का चयन करें

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की Vermicompost Business शुरू करने के लिए एक आदर्श लोकेशन वही हो सकती है जहाँ उद्यमी को इस व्यापार में इस्तेमाल में लाये जाने वाला कच्चा माल आसानी से मिल जाय। इनमें कृषि प्रमुखता वाले शहर एवं गाँव, नगर, उपनगर इत्यादि सब शामिल हैं कहने का आशय यह है की यदि उद्यमी बड़े पैमाने पर वर्मीकम्पोस्ट का उत्पादन करना चाहता है तो उसे कृषि प्रमुखता वाले एरिया का चुनाव करना होगा।

क्योंकि कृषि प्रधान एरिया में किसानों द्वारा पशु पालन एवं कृषि दोनों किये जाते हैं पशुपालन इत्यादि के माध्यम से उद्यमी को गोबर इत्यादि अपने व्यवसाय के लिए मिल सकता है तो वहीँ जो किसान फल, सब्जियों एवं अनाज का उत्पादन करते हैं वे अपनी अच्छे उत्पादन के लिए वर्मीकम्पोस्ट खाद का इस्तेमाल भी करते हैं।  कहने का आशय यह है की एक कृषि प्रमुखता वाले एरिया में उद्यमी सस्ती लागत पर वर्मीकम्पोस्ट का उत्पादन भी कर पायेगा और उसी एरिया में अपनी खाद को स्थानीय किसानों को बेच भी पायेगा।

2. छप्पर का निर्माण करें

उद्यमी चाहे Vermicompost की छोटी इकाई स्थापित कर रहा हो या फिर बड़ी उसे वर्मी बेड को सुरक्षित करने के लिए छप्पर डालने की आवश्यकता होती ही होती है। उद्यमी चाहे तो अपने बजट के अनुसार टिन की छत जो विभिन्न खम्बों पर टिकी हो, लकड़ी एवं घास से निर्मित छत हो, या आरसीसी खम्बों पर टिकी छत हो किसी का भी निर्माण करवा सकता है।

हालांकि स्थानीय सामग्री जिससे छत का निर्माण संभव हो उद्यमी उसका भी इस्तेमाल कर सकता है या फिर एचडीपीई शीट का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। यद्यपि शेड का प्रमुख उद्देश्य वर्मी बेड को बारीश, धूप, आंधी तूफान इत्यादि से होने वाले नुकसान से बचाना है। लेकिन उद्यमी को Vermicompost business के लिए शेड की डिजाइनिंग कुछ इस तरह से करनी होगी की वर्मी बेड को भरने एवं हार्वेस्टिंग के लिए जाने वाले मजदूरों की आवाजाही में कोई बाधा उत्पन्न न हो।

3. वर्मी बेड बनाएँ

वैसे आम तौर पर वर्मी बेड की ऊंचाई 0.3 M से लेकर 0.6 M तक कुछ भी हो सकती है निश्चित ऊंचाई अतिरिक्त पानी की निकासी के प्रावधान के आधार पर अंतरित हो सकती है। यदि उद्यमी चाहता है की उसके Vermicompost के उत्पादन में कोई प्रतिकूल प्रभाव न दिखाई दे तो उसे वर्मी बेड की ऊंचाई एवं चौड़ाई एक समान रखनी होगी। इसलिए वर्मी बेड की चौड़ाई 1.5 Meter से अधिक नहीं होनी चाहिए ताकि बेड के बीचोबीच तक आसानी से पहुँच बनाई जा सके।

4. वर्मीकम्पोस्ट बनाने के लिए उपयुक्त जगह का चयन करें

उद्यमी को Vermicompost Business शुरू करने के लिए लगभग 0.5-0.6 एकड़ भूमि की आवश्यकता हो सकती है । इस भूमि में छह से आठ शेड आसानी से लगाये जा सकते हैं और तैयार उत्पादों के लिए भी अलग सा क्षेत्र आरक्षित रखा जा सकता है। और जहाँ पर उद्यमी इस तरह का यह व्यवसाय कर रहा हो वहां पर पानी की उचित व्यवस्था के लिए बोरवेल या पंप सेट होना अति आवश्यक है। यदि जमीन Vermicompost Business शुरू करने वाले उद्यमी की खुद की नहीं है तो उसे इसे कम से कम 10-15 सालों के लिए लीज पर लेना होगा।

5. बिल्डिंग की आश्यकता का आकलन करें  

हालांकि शुरूआती दौर में जब उद्यमी बेहद छोटे स्तर पर इस तरह का यह बिजनेस शुरू कर रहा हो तो उसे बिल्डिंग निर्माण की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। लेकिन यदि उद्यमी Vermicompost Business बड़े स्तर पर शुरू करने की योजना बना रहा हो तो उसे शेड के अलावा ऑफिस का निर्माण करने की भी आवश्यकता होगी और हो सकता है की उसे अपने श्रमिकों को आवास की सुविधा भी प्रदान करनी पड़े।

इसलिए उद्यमी को बिल्डिंग निर्माण करते वक्त एक दो कमरे श्रमिकों के लिए, ऑफिस के लिए, स्टोर के लिए एवं बाथरूम इत्यादि के लिए अलग अलग जगह का एलोकेशन करना होगा। बिल्डिंग में पीने के पानी से लेकर विद्युत् इत्यादि की भी उचित व्यवस्था होनी चाहिए।

6. वर्मीकम्पोस्ट बिजनेस के लिए वाटर सप्लाई सिस्टम 

Vermicompost Business के लिए वाटर सप्लाई सिस्टम होना बेहद जरुरी है क्योंकि इसमें वर्मी बेड को लगभग 50% की नमी के साथ हमेशा नम रखने की आवश्यकता होती है। इसलिए वहां पर पानी की उपलब्धता तो होनी ही चाहिए साथ में पानी को वर्मी बेड तक किस तरह से पहुँचाया जाएगा इसके लिए भी उचित प्रणाली का होना अति आवश्यक है।

उद्यमी चाहे तो चौबीसों घंटे पानी के प्रवाह एवं निरंतर आपूर्ति के कारण होने वाली पानी की क्षति को कम करने के लिए ड्रिपर्स का भी इस्तेमाल कर सकता है। यह लम्बे समय में में काफी किफायती साबित हो सकता है क्योंकि हाथों से पानी देने में ऑपरेशनल कास्ट बढ़ जाती है। हालांकि इन मदों पर आने वाला खर्चा चुने गए वाटर सप्लाई सिस्टम एवं इकाई की उत्पादन क्षमता पर निर्भर करती है।

7. आवश्यक मशीनरी एवं उपकरण खरीदें   

जहाँ तक Vermicompost Business में उपयोग में लाये जाने वाले मशीनरी एवं उपकरणों की बात है तो इसमें खेती के अनेकों उपकरण इस्तेमाल में लाये जाते हैं । चूँकि इसमें कच्चे माल के तौर पर फार्म वेस्ट, सड़े गले पत्ते, स्ट्रॉ, गोबर इत्यादि उपयोग में लाया जाता है इसलिए कच्चे माल को छोटे छोटे टुकड़ों में काटने के लिए खेती करने के औजारों की आवश्यकता होती है।

कतरे हुए कच्चे माल को वर्मी शेड में लोड करने के लिए, लोडिंग, अनलोडिंग, खाद को एकत्र करने के लिए, हवा के लिए वर्मी बेड को ढीला करने के लिए, पैकिंग से पहले कम्पोस्ट को शिफ्ट करने के लिए अनेकों तरह के कृषि उपकरणों की आवश्यकता होती है। ये छोटे छोटे कृषि उपकरण होते हैं जो किसी भी स्थानीय बाजार में आसानी से मिल जाते हैं।

Vermicompost को पैकिंग करने के लिए आटोमेटिक पैकिंग एवं स्टिचिंग मशीन की आवश्यकता हो सकती है। उद्यमी को अपने उत्पाद को मार्किट तक पहुँचाने एवं कच्चा माल इत्यादि के लिए एक मिनी ट्रक इत्यादि की भी आवश्यकता हो सकती है। और ऑफिस एवं स्टोर के लिए फर्नीचर इत्यादि की भी आवश्यकता हो सकती है।

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