मधुमक्खी पालन कैसे शुरू करें? How to Start Honey Bee Farming in India.

Honey Bee Farming की यदि हम बात करें तो भले ही इसकी व्यवसायिक तौर पर शुरुआत हुए कुछ ज्यादा समय नहीं हुआ हो, लेकिन जंगलों से शहद का संग्रह एवं एकत्रीकरण करना प्राचीनकाल से ही अस्तित्व में रहा है । शहद बनाने वाली मधुमक्खियाँ फूलों के मधु को शहद में बदलने का कार्य करती हैं और उस शहद को छत्ते के कंघों में जमा करती हैं।

बाजार में शहद की बढती मांग इस ओर स्पष्ट इशारा करती हैं की मधुमक्खी पालन अर्थात Beekeeping वर्तमान में एक लाभकारी उद्यम के तौर पर उभर सकता है। Honey Bee Farming से उत्पादित उत्पादों की यदि हम बात करें तो शहद एवं हनी वैक्स इससे उत्पादित दो प्रमुख उत्पाद हैं इसलिए कोई भी उद्यमी या किसान अतिरिक्त आय प्राप्त करने के लिए इस कृषि आधारित व्यवसाय को शुरू कर सकता है । यह व्यवसाय या मधुमक्खी पालन शहद उत्पादन करने के उद्देश्य से किया जाने वाला एक पारम्परिक व्यवसाय है।

जहाँ तक शहद का सवाल है, इसके अनेकों औदयोगिक एवं घरेलु इस्तेमाल होने के कारण राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय बाज़ारों में इसकी मांग लगातार बढती जा रही है। इस व्यवसाय को शुरू करके किसान न केवल इससे उत्पादित उत्पाद शहद एवं हनी वैक्स बेचकर पैसे कमा रहे होते हैं बल्कि मधुमक्खी पालन के कारण होने वाली परागण की प्रक्रिया के चलते कृषि उत्पादकता भी बढती है। इसमें कोई दो राय नहीं की हमारे देश भारत में अधिकतर परम्परागत रूप से कृषि की जाती रही है और इनमें हो रहे लगातार नुकसान झेलने के बाद किसानों का रुख Honey Bee Farming की ओर बढ़ा है।

वह इसलिए भी क्योंकि मधुमक्खी पालन को कृषि उत्पादन अधिकतम करने के लिए एक महत्वपूर्ण इनपुट एजेंट के तौर पर भी इस्तेमाल मने लाया जा सकता है। एक आंकड़े के मुताबिक 80% फसल के पौधों को बाहरी एजेंटो की मदद से उसी प्रजाति के अन्य पौधों से पराग ग्रहण करने की आवश्यकता होती है और उनका यह कार्य मधुमक्खियाँ आसानी से करती हैं। इसलिए ऐसे किसान जो Beekeeping Business शुरू करना चाहते हों, उन्हें सबसे पहले इस व्यवसाय से सम्बंधित प्रशिक्षण प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। आम तौर पर एक मधुमक्खी कॉलोनी में एक रानी, सैकड़ों ड्रोन एवं हजारों कर्मचारी होते हैं।

और इनमें विभिन्न कार्यों को निष्पादित करने के लिए श्रम एवं विशेषज्ञता का विभाजन होता है। मधुमक्खियाँ अपने छत्ते में वैक्स के साथ ऐसे घोंसले बनाते हैं जीने कोंब कहा जाता है और इन कोंब को कर्मचारी मधुमक्खियाँ अपनी मोम ग्रंथियों से स्रावित करती हैं। ये अपनी कोअशिकाओं का इस्तेमाल पतले ब्रूड को पीछे करने एवं भोजन का भण्डारण करने के लिए करती हैं इसलिए कोंब के उपरी हिस्से में शहद जमा होता है। कोंब के नीचे पराग भंडारण कोशिकाओं, कर्मचारी ब्रूड कोशिकाओं एवं ड्रोन ब्रूड कोशिकाओं की लाइन विद्यमान होती हैं ।

मधुमक्खियों की कुछ प्रजातियाँ ऐसी भी होती हैं जो खुले में सिंगल कोंब का निर्माण करती हैं और अन्य डार्क कैविटी में कई कोंब का निर्माण करते हैं। किसान चाहें तो Honey Bee Farming को केवल शहद, हनी वैक्स या जैल प्राप्त करने के लिए नहीं बल्कि परागण के लिए भी कर सकते हैं ताकि उनकी कृषि उत्पादकता बढती रहे। हालांकि मधुमक्खी पालन के लिए कौन सी विधि अपनाई जाय यह मधुमक्खियों के प्रकार, मधुमक्खी पालक के पास मौजूद कौशल एवं संसाधनों पर निर्भर करता है।

honey bee farming business hindi
Honey bee Farming in Hindi

मधुमक्खी की प्रजातियाँ (Species of Honey Bee)

आम तौर पर एक मधुमक्खी कॉलोनी में एक रानी, सैकड़ों ड्रोन एवं हजारों कर्मचारी मधुमक्खियां होती हैं इसलिए एक कॉलोनी में मधुमक्खी की तीन प्रजातियाँ या इससे अधिक प्रजातियाँ भी हो सकती हैं। इसमें रानी एक उपजाऊ मधुमक्खी होती है यानिकी जो अन्य मधुमक्खियों को जन्म दे सकती है। और ड्रोन मधुमक्खी नर मधुमक्खी होती हैं जबकि कर्मचारी मधुमक्खियाँ बाँझ मधुमक्खी होती हैं जो अन्य मधुमक्खियों को जन्म देने में असमर्थ होती है। मधुमक्खियों की कुछ प्रमुख प्रजातियों की लिस्ट निम्नवत है।

  • इंडियन हाइव बी
  • रॉक बी
  • लिटिल बी
  • यूरोपियन और इटालियन बी
  • डैमर बी या स्टिंगलेस बी  

मधुमक्खी पालन शुरू करने से पहले ध्यान देने योग्य बातें( Tips Before Starting Honey Bee Farming)

Honey Bee Farming शुरू करने वाले उद्यमी को यह बिजनेस शुरू करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक होता है। कहने का आशय यह है की उद्यमी को इस तरह का यह व्यवसाय शुरू करने से पहले कुछ आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता हो सकती है जिनकी लिस्ट कुछ इस प्रकार से है।

  • मधुमक्खी पालन शुरू करने से पहले उद्यमी को मनुष्य और मधुमक्खियों के बीच के रिश्ते को समझने की आवश्यकता होती है। इसलिए जिस एरिया में आप यह व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं वहां पर मधुमक्खियों के साथ शामिल होकर व्यवहारिक तौर पर उनके बारे में जानने का प्रयत्न करें ।
  • यदि उद्यमी को पहले से मधुमक्खियों के साथ काम करने का कोई अनुभव नहीं है तो उद्यमी को पहले से Honey Bee Farming कर रहे स्थानीय उद्यमियों या किसानों के साथ काम करना चाहिए। और उनसे मधुमक्खी पालन प्रबन्धन से जुड़ी हर जानकारी प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए।
  • जब उद्यमी स्थानीय मधुमक्खी एवं मानवीय सम्बन्धों से परिचित हो जाता है तो उसके बाद उद्यमी को बेहतर तरीकों को अपनाने पर विचार करना चाहिए और फिर उपकरणों के इस्तेमाल और उत्पादों को बेचने को लेकर एक प्रभावशाली योजना बनानी चाहिए।
  • उद्यमी को शुरूआती दौर में कम से कम दो छत्तों के साथ मधुमक्खी पालन शुरू करना चाहिए और इसकी प्रगति की तुलना अन्य छत्तों के विकास से की जानी चाहिए।
  • प्रोजेक्ट की योजना बनाते समय यथार्थवादी लक्ष्य ही निर्धारित करें और शुरूआती दौर में छोटे स्तर से ही शुरू करें और जब Honey Bee Farming में अनुभव प्राप्त कर लें फिर बड़े प्रोजेक्ट के बारे में भी विचार कर सकते हैं।
  • यद्यपि इस प्रोजेक्ट में कौन कौन से उपकरण इस्तेमाल में लाये जा सकते हैं यह आम तौर पर स्थानीय स्थिति पर निर्भर करते हैं । इसलिए उद्यमी को उस एरिया में किस प्रजाति की मधुमक्खियों का पालन करना चाहिए, क्या क्या उपकरण उपयोग में लाना चाहिए इन सबका पहले ही आकलन करना बेहद आवश्यक है।
  • इस तरह के प्रोजेक्ट की सफलता में मधुमक्खी पालन करने में इस्तेमाल में लाये जाने वाले उपकरणों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए यदि उद्यमी उस क्षेत्र में ऐसे लोगों की पहचान कर लेता है जो इस व्यवसाय के लिए उपकरण बनाने में समर्थ हैं तो यह उसके लिए किसी सफलता से कम नहीं है।
  • Honey Bee farming Business कर रहे उद्यमी को चाहिए की, वह उत्पादों की बिक्री के लिए किसी स्थानीय एजेंट की पहचान पहले ही कर ले इसके अलावा इन उत्पादों की मार्केटिंग के लिए अन्य Beekeeping Business करने वाले उद्यमियों के साथ भी जुड़ा जा सकता है। शहद के लिए आयुर्वेदिक फार्मास्यूटिकल कंपनी, स्थानीय बेकर्स, कैंडी निर्माता इत्यादि बड़े ग्राहक हो सकते हैं। 

मधुमक्खी पालन कैसे शुरू करें? (How to Start Bee Farming Business in Hindi)

यद्यपि Honey Bee Farming कृषि आधारित व्यवसाय है इसलिए कृषि से सम्बंधित व्यवसायों के लिए आम समाज में यह राय व्याप्त है की इन्हें कोई भी व्यक्ति आसानी से शुरू कर सकता है भले ही उसे उसका अनुभव एवं जानकारी हो या नहीं। लेकिन यह सत्य नहीं है Beekeeping Business शुरू करने के लिए उद्यमी को इसकी उचित जानकारी होना नितांत आवश्यक है। तो आइये जानते हैं की कैसे कोई व्यक्ति खुद का मधुमक्खी पालन व्यवसाय शुरू कर सकता है।

1. प्रशिक्षण एवं व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त करें (Get Training of Honey Bee Farming)

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की Honey Bee farming शुरू करने वाले उद्यमी को इस व्यवसाय का तकनिकी ज्ञान एवं अनुभव प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। इसलिए उद्यमी को चाहिए की वह उस एरिया में पहले से मधुमक्खी पालन कर रहे किसानों या उद्यमियों के साथ कुछ महीने काम करके इस व्यवसाय से सम्बंधित सभी जानकारी अवश्य जुटा ले।

जहाँ तक प्रशिक्षण का सवाल हा उद्यमी इस व्यवसाय का प्रशिक्षण लेने के लिए अपने स्थानीय कृषि विभाग या किसी कृषि यूनिवर्सिटी से संपर्क कर सकता है उद्यमी को स्थानीय मधुमक्खी पालन योग्य वनस्पतियों का भी ज्ञान होना अति आवश्यक है इसके अलावा प्रवासी मधुमक्खी पालन का भी ज्ञान होना आवश्यक है। यह सब ज्ञान उद्यमी को तभी प्राप्त हो पायेगा जब वह स्थानीय कृषि विभाग या कृषि यूनिवर्सिटी से प्रशिक्षण प्राप्त करके इसका व्यवहारिक ज्ञान भी प्राप्त करेगा ।   

2. मधुमक्खी पालन के लिए साईट का चयन करें

Honey Bee Farming शुरू करने के लिए चयन की जाने वाली साईट बिना किसी नमी के अर्थात सूखी होनी चाहिए। RH का उच्च स्तर मधुमक्खी के उड़ने एवं मधु के पकने को प्रभावित करता है। साईट पर स्वच्छ पानी का प्राकृतिक स्रोत या फिर कृत्रिम स्रोत होना अत्यंत आवश्यक है ठन्डे क्षेत्रों में पेड़ हवा के बेल्ट के रूप में कार्य करते हैं। मधुमक्खी का छत्ता पेड़ों की छाया के नीचे रखा जा सकता है या फिर छाया प्रदान करने के लिए कृत्रिम संरचनाओं का निर्माण किया जा सकता है। 

कहने का आशय यह है की यदि उद्यमी द्वारा Honey Bee farming के लिए किसी ऐसी साईट का चयन किया जाता है जहाँ पेड़ों की अधिकता है तो वह मधुमक्खी के छत्तों को पेड़ों के नीचे छाया में रख सकता है। जो पौधे मधुमक्खियों के लिए पराग और मधु का उत्पादन करते हैं उन्हें चरागाह या फ्लोरेज कहा जाता है। इसलिए Honey Bee Farming के लिए ऐसी साईट उपयुक्त हो सकती है जहाँ पराग या मधु उत्पादन करने वाले पौधें अधिक संख्या में हों। 

3. उपकरण बनवाएं या खरीदें (Tools for Honey bee Farming)

Honey Bee Farming करने के लिए अलग अलग भौगौलिक परिस्थितियों में अलग अलग उपकरणों की आवश्यकता हो सकती है। इसलिए उद्यमी के लिए कौन से उपकरण सही साबित होंगे इसका पता उद्यमी स्थानीय मधुमक्खी पालकों से कर सकता है वैसे कुछ उपकरणों की लिस्ट इस प्रकार से है।

  • मोटे और पतले बी कीपिंग ब्रश
  • स्टेनलेस स्टील चाकू
  • स्टेनलेस स्टील और लोहे से निर्मित L आकार और घुमावदार हाइव टूल्स
  • खाद्य ग्रेडेड प्लास्टिक से निर्मित क्वीन केज
  • क्वीन गेट
  • हाइव गेट
  • हनी एक्सट्रैक्टर
  • स्मोकर
  • क्वीन एक्सक्ल्यूडर
  • पोलेन ट्रैप
  • बी बॉक्सेज
  • बी वैक्स शीट
  • अनकैपिंग ट्रे
  • प्रोपोलिस स्ट्रिप
  • रॉयल जेली प्रोडक्शन और एक्सट्रैक्शन किट
  • क्वीन रियरिंग किट
  • मधुमक्खी विष कलेक्ट करने का यंत्र   

4. परागण का प्रबंध करें

जैसा की हम सब अच्छी तरह से जानते हैं की मधुमक्खियाँ पौधों से पराग एवं मधु लेकर शहद का निर्माण करती हैं इसलिए मधुमक्खियों की एनर्जी बनी रहे इसके लिए उद्यमी को मधुमक्खी के छत्तों को ऐसे खेत के नज़दीक रखने की आवश्यकता होती है जहाँ से वे पौधों से पराग एवं मधु आसानी से प्राप्त कर सकें। ऐसे क्षेत्र जहाँ कम से कम 10% तक फूलों के क्षेत्र हों मधुमक्खी कॉलोनी को उसी एरिया में स्थापित करने की सलाह दी जाती है ।

Honey Bee Farming शुरू करने वाले उद्यमी या किसान को इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए की यदि मधुमक्खी की प्रजाति इटालियन है तो प्रति हेक्टेयर में तीन कॉलोनी रखी झा सकती हैं और यदि मधुमक्खियाँ भारतीय प्रजाति की हों तो प्रति हेक्टेयर पांच कॉलोनी स्थापित की जा सकती हैं। बहुत सारी फसलें ऐसी हैं जिन्हें मधुमक्खियों के परागण से काफी लाभ होता है उनकी लिस्ट कुछ इस प्रकार से है।

  • फलों एवं मेवों में बादाम, सेब, खूबानी, आड़ू, स्ट्रॉबेरी, साइट्रस और लीची ऐसी फसलें हैं जिन्हें मधुमक्खियों के परागण का लाभ होता है।
  • सब्जियों में गोभी, धनिया, ककड़ी, फूलगोभी, गाजर, खरबूजा, प्याज, कद्दू, मूली और शलजम शामिल हैं
  • तिलहन की फसलों में सूरजमुखी, सरसों, कुसुम, नीगर, बलात्कार के बीज, गिंगेली इत्यादि Honey Bee Farming से लाभान्वित होने वाली फसलें हैं ।
  • इसके अलावा ल्यूसर्न, क्लोवर इत्यादि चारा बीज वाली फसलें भी इस लिस्ट में शामिल हैं।      

  5. मधुमक्खियों एवं उत्पाद को कीट एवं रोगों से मुक्त रखें

यदि उद्यमी अपने Honey bee farming Business से अच्छी कमाई की उम्मीद रखता है तो इसमें कोई दो राय नहीं की उसका उत्पाद एवं उत्पाद पैदा करने वाले जीव दोनों सुरक्षित रहने चाहिए। इसलिए उद्यमी को इन्हें कीट एवं रोगों से दूर रखने का भरसक प्रयत्न करना चाहिए आम तौर पर मोम पतंगे, चींटियां, ततैया, वैक्स भृंग, पक्षी, श्वासनली के कण, परजीवी घुन वरोआ विनाशक, मधुमक्खी के कण, ब्रूड घुन इत्यादि इस व्यवसाय के कुछ सामान्य कीट हैं।

और जहाँ तक Beekeeping में पाए जाने वाले रोगों की बात है उनमें नोसेमा रोग, यूरोपीय फाउल-ब्रूड रोग, अमेरिकन फाउल ब्रूड, सैक्रोबॉड रोग (एसबीवी), थाई सैक ब्रूड वायरस (टीएसबीवी), चाक ब्रूड रोग और स्टोन ब्रूड रोग इत्यादि प्रमुख हैं। इसलिए उद्यमी को इन कीटों एवं रोगों के नियंत्रण के लिए पहले से ही कदम उठाने की आव्श्य्लता होती है अर्थात उद्यमी इनके निराकरण के लिए स्थानीय कृषि विभाग से संपर्क कर सकता है। 

7. उत्पादों की हार्वेस्टिंग करें

Honey Bee Farming से उत्पादित उत्पादों की यदि हम बात करें तो इनमें शहद, बी वैक्स, रॉयल जेली, बी वेनम, प्रोपोलिस और पराग प्रमुख हैं। पारम्परिक एवं टॉप बार छत्तों में उत्पादों की हार्वेस्टिंग करने के लिए उद्यमी को एक कोंब का चयन करना होता है जिसमें शहद मौजूद होता है और यह सफ़ेद मधुमक्खी मोम की पतली परत से ढका हुआ होता है और यह घोंसले के बाहरी साइड के काफी नज़दीक होते हैं। शहद केवल और केवल सुपर कोंब से हनी एक्सट्रैक्टर इक्विपमेंट की मदद से निकाला जाता है ।

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