ट्रेक्टर किराये पर देने का बिजनेस कैसे शुरू करें। Tractor Rental Business in Hindi.

Tractor rental Business Plan in Hindi : प्राचीन भारत की यदि हम बात करें तो खेती को पूर्ण रूप से बैलों से जोता जाता था। लेकिन आज का किसान अधिकतर खेतों को ट्रेक्टर से जोतता है। वह इसलिए क्योंकि बैलों से हल चलाने की तुलना में ट्रेक्टर का उपयोग करके खेल जोतने की प्रक्रिया बेहद आरामदायक और कम समय में अधिक खेत जोतने वाली प्रक्रिया है।

आज भी दूर सुदूर ग्रामीण भारत में हल चलाने के लिए बैलों का इस्तेमाल किया जाता है। यह उन जगहों या खेतों में किया जाता है, जिन खेतों में ट्रेक्टर से जुताई करना मुश्किल होता है। विशेष तौर पर पहाड़ी क्षेत्र जहाँ पर सीढ़ीदार खेत होते हैं, उस क्षेत्र में बैलों या अन्य जानवरों के माध्यम से ही खेतों को जोता जाता है।

लेकिन मैदानी क्षेत्रों में पूर्ण रूप से ट्रेक्टर से खेत जोते जाते हैं। और ट्रेक्टर से न सिर्फ खेत जोते जाते हैं, बल्कि ट्रेक्टर से कई अन्य काम जैसे खेत में उत्पन्न फसलों, घास फूस इत्यादि को ट्रांसपोर्ट करने का भी कार्य किया जाता है।

बड़े किसान तो ट्रेक्टर इत्यादि खरीद लेते हैं, लेकिन छोटे किसान आर्थिक रूप से ट्रेक्टर इत्यादि खरीदने में असमर्थ होते हैं। ऐसे में यदि आप ट्रेक्टर किराये पर देने का बिजनेस करते हैं, तो इससे आप न सिर्फ छोटे किसानों की मदद कर रहे होते हैं, बल्कि उनसे ट्रेक्टर का किराया वसूलकर अपनी भी कमाई कर रहे होते हैं। यही कारण है की आज हम इसी विषय पर पूरी जानकारी प्रदान करने की कोशिश कर रहे हैं।

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ट्रेक्टर किराये पर देने के व्यापार के बारे में (About tractor rental business)

खेत में जुताई करनी हो तो ट्रेक्टर चाहिए, खेत से कोई उत्पादित फसल घर ले जानी हो तो ट्रेक्टर चाहिए, गन्ने को चीनी मिल तक पहुँचाना हो तो ट्रेक्टर चाहिए, साग सब्जियों को नजदीकी कोल्ड स्टोर तक पहुँचाना हो तो ट्रेक्टर चाहिए, गेहूँ, चावल इत्यादि को सरकारी गोदामों या मिलों तक पहुँचाना हो तो ट्रेक्टर चाहिए।

कहने का आशय यह है की कृषि सम्बन्धी और कुछ गैर कृषि कार्यों को निबटाने के लिए ट्रेक्टर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। लोगों और किसानों की इसी आवश्यकता को ध्यान में रखकर किसी उद्यमी द्वारा ट्रेक्टर किराये पर देने का बिजनेस शुरू किया जा सकता है।

ट्रेक्टर किराये पर देने का व्यापार कैसे शुरू करें (How to start tractor rental business)

यदि आप ट्रेक्टर किराये पर देने के बिजनेस को शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। तो आपको बता देना चाहेंगे की आपको इस तरह का बिजनेस शुरू करने के लिए ठीक ठाक निवेश करने के लिए तैयार रहना होगा। वह इसलिए क्योंकि ट्रेक्टर एक हैवी वाहन और यंत्र है, जिसका इस्तेमाल कई तरह के कार्यों को पूर्ण करने के लिए किया जाता है। और एक ट्रेक्टर की कीमत 8 लाख से 13 लाख तक कुछ भी हो सकती है।

यदि आप एक ट्रेक्टर से भी इस तरह का यह बिजनेस शुरू करते हैं, तो भी आपको कम से कम 8-10 लाख रूपये की आवश्यकता होती है। तो आइये आगे हम स्टेप बाई स्टेप यही जान लेते हैं की कैसे कोई इच्छुक व्यक्ति खुद का ट्रेक्टर किराये पर देने का व्यापार शुरू कर सकता है।

बिजनेस लोकेशन का चुनाव करें (Select location)

ध्यान रहे की शहरी इलाकों में ट्रेक्टर का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। किया भी जाता है तो कुछ बिल्डिंग मटेरियल इत्यादि ट्रांसपोर्ट करने के लिए किया जाता है। लेकिन आप सिर्फ उसी आधार पर ट्रेक्टर किराये पर देने का व्यापार शुरू करने के बारे में विचार नहीं कर सकते।

इसलिए एक ऐसी लोकेशन जहाँ पर आपके टारगेट ग्राहक के रूप में वे छोटे छोटे किसान हों, जो खुद का ट्रेक्टर लेने में असमर्थ हों। क्योंकि किसानों को सिर्फ खेत जोतने के लिए ही नहीं, बल्कि खेती में उत्पादित उत्पादों को ट्रांसपोर्ट करने के लिए भी ट्रेक्टर की आवश्यकता होती है। पर इस तरह का यह बिजनेस करना अत्यंत लाभकारी साबित हो सकता है ।

ट्रेक्टर का इस्तेमाल लोग बिल्डिंग मटेरियल जैसे मिटटी, रेता, बजरी, सीमेंट, लोहा इत्यादि को ट्रांसपोर्ट करने के लिए भी करते हैं। यही कारण है की एक ऐसा एरिया जहाँ पर ग्रामीण क्षेत्र के नज़दीक कुछ कॉलोनी इत्यादि भी उपलब्ध हों, इस तरह के बिजनेस को करने के लिए आदर्श मानी गई हैं।

टारगेट कस्टमर की संख्या का अनुमान लगाएँ  

आप जिस एरिया में ट्रेक्टर किराये पर देने का बिजनेस शुरू कर रहे हैं, वहां पर आपको टारगेट कस्टमर की संख्या का भी अनुमान लगाना होगा। ताकि आप उस क्षेत्र में स्थित माँग के अनुसार ही अपने व्यवसाय के लिए ट्रेक्टर खरीदने पर विचार कर सकें। आपको ऐसे किसानों की संख्या का पता करना होगा, जो आर्थिक रूप से ट्रेक्टर खरीदने में असमर्थ हैं।

क्योंकि जितने अधिक छोटे किसान होंगे, आपके व्यवसाय के चलने की संभावना भी उतनी ही अधिक होगी। इसके अलावा यदि आस पास कोई नई कॉलोनी का निर्माण हो रहा हो, तो यह आपके बिजनेस के लिए एक अतिरिक्त लाभ हो सकता है।    

ट्रेक्टर खरीदें और ड्राईवर नियुक्त करें (Tractor & driver arrangement)

ट्रेक्टर खरीदने से पहले अपने निवेश क्षमता का आकलन करें। बिजनेस में जोखिम तो लेना पड़ता है, लेकिन उद्यमी की कोशिश हमेशा जोखिम को कम करने की ही होनी चाहिए। यदि आपमें निवेश करने की क्षमता है, तो आप उस एरिया में उपलब्ध माँग के अनुसार ट्रेक्टर खरीद सकते हैं।

लेकिन यदि ऐसा नहीं है , तो आप शुरूआती दौर में केवल एक ट्रेक्टर से भी शुरू कर सकते हैं। और अच्छी बात यह है की यदि आपके पास एक साथ ट्रेक्टर खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं तो आप इसे फाइनेंस भी करा सकते हैं। और अपने बिजनेस से होने वाली हर महीने की कमाई से इसकी किश्त भी भर सकते हैं।

इस तरह के बिजनेस में आपके पास कुछ ऐसे ग्राहक आएँगे जिन्हें ड्राईवर और ट्रेक्टर दोनों की आश्यकता होगी। तो कुछ ऐसे ग्राहक भी आएँगे जो केवल ट्रेक्टर किराये पर लेना चाहेंगे। केवल ट्रेक्टर किराये पर देने से पहले आपको सिक्यूरिटी के तौर पर कुछ गिरवी रखने की योजना भी बनानी होगी।        

सर्विस प्रदान करें और कमाएँ (Give Service & earn Money)

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की ट्रेक्टर को कई कृषि सम्बन्धी कार्यों और गैर कृषि सम्बन्धी कार्यों को पूर्ण करने के इस्तेमाल में लाया जाता है। इसलिए किसी को आप खेत जोतने के लिए तो किसी को उत्पादित फसल को ट्रांसपोर्ट करने के लिए तो किसी बिल्डिंग मटेरियल की ढुलाई के लिए भी ट्रेक्टर किराये पर दे सकते हैं।

जहाँ तक किराये का सवाल है इसका आकलन आप ड्राईवर को दी जाने वाली सैलरी, ट्रेक्टर में लगने वाले ईधन, मेंटेनेंस इत्यादि के खर्चों के आधार पर कर सकते हैं। यदि उस एरिया में पहले से कोई इस तरह का बिजनेस कर रहा है, तो फिर आपको प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए अपने लाभ में कमी करके ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने का भरसक प्रयत्न करना होगा।

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