नोटबुक बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें? Notebook Manufacturing Business.

Notebook Manufacturing Business के बारे में बात करना इसलिए जरुरी हो जाता है क्योंकि यह एक स्टेशनरी के तौर पर इस्तेमाल में लायी जाने वाली प्रमुख और आम आइटम है । एक नोटबुक को अनेकों नामों जैसे नोटपैड, लेखन पैड, ड्राइंग पैड या फिर सिम्पली कॉपी के तौर पर भी जाना जाता है।

इसे हम एक ऐसी किताब या पन्नों का एक समूह कह सकते हैं जिसमें पहले से कोई कुछ अंकित नहीं होता है और इसका इस्तेमाल लेखन, ज्ञापन, ड्राइंग या स्क्रैपबुकिंग जैसे उद्देश्यों के लिए आसानी से किया जा सकता है। यही कारण है की इनके इस्तेमाल के अनुसार Notebook Manufacturing के आकार और स्वरूप भिन्न भिन्न हो सकते हैं।

कहने का आशय यह है की Notebook बाज़ारों में विभिन्न आकार एवं मोटाई में उपलब्ध हैं और आवश्यकता के अनुसार ही इनका आकार परिवर्तित होता है। जहाँ तक नोटबुक के इस्तेमाल का सवाल है शिक्षा उद्योग और सभी प्रकार के कार्यालयों में इनका उपयोग बड़े पैमाने पर होता है इसलिए अंदाजा लगाया जा सकता है की इनकी मांग में कभी भी कमी नहीं आएगी। इसके इस्तेमाल को देखते हुए तो यही कहा जा सकता है की यह एक ऐसा व्यवसाय है जिसे शुरू करने वाला उद्यमी शायद ही कभी नुकसान में रहे।

और इस व्यवसाय में इतनी क्षमता है की इसे सफल बनाकर उद्यमी एक दिन न सिर्फ दौलत बल्कि इज्जत, शौहरत स्टारडम की वे सभी चीजें प्राप्त कर सकता है जिसे पाने वह आकांक्षी हो। नोटबुक में कोई भी व्यक्ति जो वह सोचता है, जो वह सुनता है, जो वह सीखता है इत्यादि को आसानी से लिख सकता है। इसलिए Notebook Manufacturing शुरू करने वाले उद्यमी के ग्राहक के तौर कोई भी व्यक्ति परिवर्तित हो सकता है ।

Notebook banane ka business
Notebook Banane ka business

नोटबुक के प्रकार (Types of Notebooks):

Notebook Manufacturing Business शुरू करने के इच्छुक उद्यमी को इनके प्रकार के बारे में जानकारी होनी अति आवश्यक है, ताकि वे उसी अनुसार इनका निर्माण प्रारम्भ कर सकें। वैसे तो सवाल यह भी उठता है की एक ऐसी दुनिया जहाँ हर चीज की वीडियोग्राफी और उसे रिकॉर्ड एवं कंप्यूटर के माध्यम से लिखा या टाइप किया जा सकता है।

तो क्या ऐसे में Notebook जैसी वस्तु की आवश्यकता होगी? लेकिन यह भी सच्चाई है की इस तरह की प्रौद्योगिकी बढ़ने के साथ नोटबुक के इस्तेमाल में कोई कमी नहीं आई है बल्कि बढ़ते समय एवं बढती जनसँख्या के साथ इनके इस्तेमाल बढे ही हैं। इसलिए यह सोचना शायद व्यर्थ ही होगा की तकनीकी के इस युग में नोटबुक का स्थान नगण्य हो जायेगा। आज भी विभिन्न Notebook Manufacturing Business करने वाले उद्यमियों द्वारा विभिन्न प्रकार की नोटबुक बनाई जाती हैं।

1. स्पाइरल नोटबुक (Spiral Notebook)

स्पाइरल नोटबुक की यदि हम बात करें तो ये ऑफिस इत्यादि में इस्तेमाल में लायी जाने वाली सबसे आम नोटबुक हैं। चूँकि इनकी कीमतें कम होती हैं इसलिए विद्यार्थी एवं पेशेवर लोग दोनों इसके बड़े उपभोक्ता हैं हालांकि ये विभिन्न मोटाई में आती हैं लेकिन आम तौर पर ये 70-200 पेज तक की मोटाई के साथ बाजार में देखी जा सकती हैं।

इन पेज में छेद करके इन्हें एक तार से संगठित या एकत्रित किया जाता है आम तौर पर जिस तार का इस्तेमाल हुआ होता है उसे स्पाइरल के नाम से जाना जाता है शायद यही कारण है की इन्हें स्पाइरल नोटबुक के नाम से जाना जाता है।

2. कम्पोजीशन नोटबुक (Composition Notebook)

कम्पोजीशन नोटबुक की यदि हम बात करें तो ये कार्डबोर्ड कवर के साथ आती हैं इसलिए ये स्पाइरल नोटबुक की तुलना में मजबूत मानी जाती हैं। इस पद्यति में नोटबुक के पन्नों को एक साथ बांधने या एकत्रित करने के लिए इन्हें सिल दिया जाता है या फिर चिपका दिया जाता है।

इनके पन्नों में किसी प्रकार के छेद नहीं किये जाते हैं इसलिए इन्हें कवर इत्यादि से हटाया नहीं जा सकता केवल फाड़ा जा सकता है।

3. लैब और साइंटिफिक नोटबुक

इस प्रकार की Notebook Manufacturing  वैज्ञानिक प्रगति का एक स्थायी रिकॉर्ड रखने के उद्देश्य से किया जाता है कहने का आशय यह है की इन्हें इसी उद्देश्य हेतु डिजाईन करके बनाया जाता है इसलिए इनका इस्तेमाल आम तौर पर लैब या फिर अन्य वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं में अधिक होता है। इनमें आम तौर पर ग्राफ पेपर लगे होते हैं जिनका इस्तेमाल वैज्ञानिक पेटेंट दावों के दस्तावेज के तौर पर करते हैं।

4. बिजनेस नोटबुक (Business notebook)

बिजनेस नोटबुक की यदि हम बात करें तो इनका इस्तेमाल बिजनेसमैन उनके सेक्रेटरी इत्यादि द्वारा नोट लिखने और सेडयुल लिखने के लिए किया जाता है। इस तरह की कई नोटबुक में पहले से योजनाबद्ध तरीके से कई चीजें जैसे दिनांक, समय, टास्क इत्यादि अंकित होता है इसे बिल्ट इन प्लानर भी कहा जाता है ।

उपर्युक्त नोटबुक के अलावा Notebook Manufacturing Business करने वाले उद्यमियों द्वारा और भी कई तरह की नोटबुक जैसे हाई इंड नोटबुक, नोवेल्टी और स्पेशलिटी नोटबुक इत्यादि भी बनाये जाते हैं। उद्यमी अपने टारगेट ग्राहकों की आवश्यकता और पसंद के अनुरूप इनका निर्माण कर सकता है।

अनुप्रयोग और मार्किट   

नोटबुक इस्तेमाल की यदि हम बात करें तो सब पेशेवर एवं अन्य व्यक्ति, विद्यार्थियों द्वारा अलग अलग तरह की नोटबुक का इस्तेमाल किया जाता रहा है। जहाँ आर्टिस्ट बड़ी नोटबुक यानिकी जो ड्राइंग इत्यादि के लिए सुविधाजनक होती हैं उनका इस्तेमाल करते हैं।

वही संगीतकार अपनर गीत इत्यादि लिखने के लिए अलग तरह की ही नोटबुक का इस्तेमाल करते हैं वकील भी ऐसी नोटबुक का इस्तेमाल करते हैं जिसमें आम तौर पीली लाइनें होती हैं और ये नोटबुक भी आकार में बड़ी होती हैं। कॉलेज, स्कूल एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में भी एक नहीं बल्कि अनेकों तरह की नोटबुक का इस्तेमाल किया जाता है।

जिन नोटबुक को सिलकर या फिर चिपकाकर तैयार किया जाता है उन्हें कम्पोजीशन नोटबुक कहा जा सकता है और स्कूल, कॉलेज इत्यादि शिक्षण संस्थानों में इन्हीं का इस्तेमाल सर्वाधिक होता है। इसलिए यह तो Notebook Manufacturing Business करने वाले उद्यमी पर निर्भर करेगा की वह कौन सा एवं किस प्रकार के नोटबुक का निर्माण करना चाहता है।

एक विश्वसनीय आंकड़े के मुताबिक पेपर नोटबुक मार्किट का आकार 2024 तक 9% CAGR वृद्धि के साथ लगभग $ 18.8 बिलियन का हो जायेगा।

नोटबुक निर्माण बिजनेस कैसे शुरू करें? (How to Start Notebook Manufacturing Business):

Notebook Manufacturing Business शुरू करने के लिए उद्यमी को सबसे पहले अपने टारगेट एरिया में निवासित लोगों की नोटबुक सम्बन्धी पसंद एवं आवश्यकता का पता लगाना होगा। इसके लिए उद्यमी उस एरिया में स्थित विद्यार्थियों, स्टेशनरी की दुकानों इत्यादि से संपर्क कर सकता है।

जब उद्यमी को इस बात का पता लग जायेगा की उस एरिया में कौन कौन सी नोटबुक अच्छी बिकती हैं तो उद्यमी उस एरिया में निवासिय्त लोगों की आवश्यकता के अनुसार उन्हीं के निर्माण को प्राथमिकता दे सकता है और अपनी फैक्ट्री द्वारा उत्पादित उत्पाद को स्थानीय क्षेत्र में ही बेच सकता है। इसके अलावा उद्यमी को इस तरह का यह व्यवसाय शुरू करने के लिए भी वे सभी प्रक्रियाएं पूर्ण करनी होंगीं जो किसी अन्य बिजनेस को शुरू करने के लिए करनी पड़ती हैं।

1. जमीन का प्रबंध

Notebook Manufacturing Business शुरू करने के लिए उद्यमी को सबसे पहले अपने व्यवसाय के लिए उचित लोकेशन पर जमीन और बिल्डिंग का प्रबंध करना होगा। ध्यान रहे औदयोगिक सेटअप में उद्यमी को इन्वेंट्री रूम, कार्यशाला या विनिर्माण क्षेत्र के अलावा, बिजली आपूर्ति उपयोगिताओं के लिए स्थान, और एक छोटे से ऑफिस को स्थापित करने के लिए भी जगह की आवश्यकता होती है।

इस प्रकार से देखें तो उद्यमी को इस तरह का यह व्यवसाय शुरू करने के लिए 700-1200 Square Feet जगह की आवश्यकता हो सकती है।

यदि उद्यमी के पास स्वयं की कोई गैर कृषि योग्य भूमि किसी ऐसी जगह पर उपलब्ध है जहाँ पर बिजली, पानी, सड़क, कर्मचारियों की उपलब्धता हो तो उद्यमी वहीँ पर इकाई का निर्माण कार्य शुरू करवा सकता है। और यदि ऐसा नहीं है तो उद्यमी कोई बनी बनाई बिल्डिंग किराये पर ले सकता है।  

2. आवश्यक लाइसेंस और पंजीकरण

Notebook Manufacturing Business शुरू करने वाले उद्यमी को बहुत अधिक लाइसेंस एवं पंजीकरण लेने की आवश्यकता तो नहीं होती। लेकिन यदि उद्यमी अपने व्यवसाय को वैधानिक स्वरूप प्रदान करना चाहता है तो वह इसे प्रोप्राइटरशिप के तहत रजिस्टर कर सकता है।

वैधानिक स्वरूप प्रदान करने के बाद बिलिंग और इनवॉइसिंग के लिए उद्यमी को जीएसटी रजिस्ट्रेशन की भी आवश्यकता हो सकती है। इसके अलावा व्यवसाय के नाम से चालू खाता खोलने की भी आवश्यकता होगी। अपने व्यवसाय को एमएसएमई के तौर पर पहचान दिलाने के लिए उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन करने की भी जरुरत हो सकती है।    

3. मशीनरी और कच्चे माल की खरीदारी

Notebook Manufacturing में इस्तेमाल में लायी जाने वाली मशीनरी की कीमत कई लाख रुपयों में हो सकती है। इसलिए ध्यान रहे मशीनरी और कच्चे माल की खरीदारी से पहले उद्यमी को किसी अच्छे सप्लायर का चुनाव करना होगा। मशीनरी और कच्चे माल की लिस्ट इस प्रकार से है ।

  • ऑफसेट प्रिंटिंग मशीन
  • पेपर शीटर मशीन
  • पेपर फोल्डिंग मशीन
  • पेपर कटिंग मशीन
  • नोटबुक स्टेप्लींग मशीन
  • अन्य मशीन और उपकरण

इस व्यवसाय में इस्तेमाल में लाये जाने वाले कच्चे माल की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है।

  1. जुम्बो पेपर रोल
  2. नोटबुक कवर रोल
  3. स्टेपल पिन, गोंद एवं अन्य सामग्री
  4. पैकिंग सामग्री  

4. निर्माण कार्य शुरू करना

Notebook Manufacturing Process की यदि हम बात करें तो इसमें पन्नों के समूह को और कवर को एक साथ जोड़ा जाता है । पन्नों और कवर नामक इन दो अवयवों को जोड़कर विभिन्न प्रकार की नोटबुक का निर्माण किया जा सकता है।  

यद्यपि नोटबुक बनाने की अलग अलग पद्यतियों के आधार पर अलग अलग मशीन इस प्रक्रिया में शामिल हो सकती हैं लेकिन नोटबुक बनाने की सामान्य प्रक्रिया में प्रिंटिंग प्रेस मशीन भी शामिल होती है जिसमें एक रोलर लगा होता है और इस रोलर में स्याही से युक्त पैटर्न लगाया जाता है और जैसा पैटर्न होगा उसी प्रकार की स्याही के साथ वह कागज़ या कवर पर मुद्रित हो जायेगा।

इसी मशीन की मदद से कवर में प्रिंटिंग नोटबुक के पेज में लाइन इत्यादि खींची जाती हैं उसके बाद लाइन को हीट चैम्बर में सुखाया भी जाता है और फिर इन पेजों को नोटबुक के आकार के अनुसार काट दिया जाता है।

 कवर में मुद्रण भी इसी प्रक्रिया के तहत किया जाता है और उसकी कटिंग भी नोटबुक के आकार के अनुसार ही की जाती है। फिर कवर और पेजों को आपस में जोड़ा जाता है जोड़ने के लिए स्पाइरल बाइंडिंग से लेकर गोंद, सिलाई या फिर स्टेपल किसी भी पद्यति का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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