Marketing क्या है । मार्केटिंग करने के बेस्ट तरीके।

मार्केटिंग शब्द से शायद आप अच्छी तरह से अवगत होंगे क्योंकि Marketing Tips की आवश्यकता हर उस उद्यमी को पड़ती है जो अपने बिजनेस के माध्यम से कुछ न कुछ बेच रहा होता है। हालांकि उद्यमी द्वारा बेचे जाने वाली या तो कोई वस्तु हो सकती है या फिर कोई सर्विस। यानिकी उद्यमी अपने व्यापार के माध्यम से लोगों को या तो अपना उत्पाद बेचता है या फिर अपनी सर्विस। लेकिन इस प्रतिस्पर्धी माहौल में लोगों के पास किसी भी आवश्यकता की पूर्ति को लेकर एक से अधिक विकल्प हमेशा विद्यमान रहते हैं।

ऐसे में व्यापार कर रहे उद्यमियों को अपना उत्पाद या सेवा बेचने के लिए उसका प्रचार, प्रसार एवं मार्केटिंग करने की आवश्यकता होती है। मार्केटिंग के माध्यम से उद्यमी अपने उत्पाद या सेवा के बारे में लोगों को जागरूक करता है और उसकी उपयोगिता के बारे में लोगों को बताता है ताकि वे उसके उत्पाद या सेवा की खरीदारी कर सकें।

वर्तमान में मार्केटिंग के स्वरूप को आप एक विज्ञापन के रूप में देख सकते हैं, ब्रोशर के रूप में देख सकते हैं, प्रेस विज्ञप्ति, फेसबुक पेज या ट्विटर अकाउंट के रूप में भी देख सकते हैं। चूँकि मार्केटिंग किसी भी बिजनेस के लिए बेहद आवश्यक है इसलिए Marketing Tips पर बात करना बेहद आवश्यक हो जाता है। लेकिन इससे पहले हमें मार्केटिंग और अधिक गहराई से समझने की आवश्यकता है।

मार्केटिंग करने के बेस्ट तरीके Marketing tips in hindi
मार्केटिंग क्या है

मार्केटिंग क्या है (What is Marketing in Hindi)

मार्केटिंग की यदि हम बात करें तो इसे एक ऐसी प्रक्रिया या गतिविधि कहा जा सकता है जो किसी व्यापारिक इकाई या उद्यमी द्वारा अपने उत्पाद या सेवा को प्रमोट करने के लिए की जाती है। यह एक  भी शामिल रहती है वह इसलिए क्योंकि मार्केटिंग का इस्तेमाल व्यवसायिक इकाइयों या उद्यमी द्वारा अधिक से अधिक ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए किया जाता है।

वैसे देखा जाय तो मार्केटिंग को आप एक ऐसा वार्तलाप भी कह सकते हैं जो दो लोगों के बीच शुरू होता है भले ही वे एक दुसरे को जानते तक न हों। इस तरह के वार्तलाप में एक पक्ष कंपनी या बिजनेस इकाई का होता है और दूसरा पक्ष ग्राहक यानिकी जिसे उस उत्पाद या सेवा की आवश्यकता हो सकती है का रहता है। पहले पक्ष की पूरी कोशिश अपने उत्पाद या सेवा के लिए अधिक से अधिक लोगों के साथ संपर्क साधने की होती है। मार्केटिंग यानिकी विपणन से सम्बंधित कुछ अहम् बातें इस प्रकार से हैं।

  • मार्केटिंग अपने ग्राहकों को समझने और उनके साथ स्वस्थ व्यवसायिक सम्बन्ध स्थापित करने एवं उन्हें बनाये रखने की एक प्रक्रिया है।
  • व्यापार का आकार चाहे छोटा हो या बड़ा मार्केटिंग का महत्व सब के लिए बराबर है और यह प्रत्येक संगठन की सफलता की कुंजी है ।
  • ध्यान रहे चाहे वह डिजिटल मार्केटिंग हो या ऑफलाइन मार्केटिंग इनके और भी अनेकों प्रकार एवं उपप्रकार हैं । इसलिए उद्यमी के लिए मार्केटिंग का कौन सा प्रकार सही रहेगा इसका निर्णय खुद उद्यमी ही ले पायेगा।
  • विपणन नियमों के मुताबिक मार्केटिंग एवं सेल्स टीम को एक समान दृष्टिकोण रखने की आवश्यकता होती है और ऑटोमेशन इन्हें अपने लक्ष तक पहुँचने में मदद करता है। 

मार्केटिंग मिक्स (Marketing Mix)

हालांकि यहाँ पर बात Marketing Tips की हो रही है लेकिन लोगों की इच्छा को ध्यान में रखते हुए यहाँ पर मार्केटिंग विषय पर विस्तृत बात करना बेहद जरुरी हो जाता है। जहाँ तक मार्केटिंग मिक्स की बात है इसे मार्केटिंग टूल या रणनीति का एक सेट कह सकते हैं। इन सेट का इस्तेमाल उत्पाद या सेवाओं को बाजार में बढ़ावा देने एवं बेचने के लिए किया जाता है।

हालांकि मार्केटिंग मिक्स के घटकों में प्रमुख तौर पर पहले 4Ps का जिक्र किया जाता था इनमें प्रोडक्ट, प्राइस, प्लेस और प्रमोशन शामिल थे । लेकिन समय के अनुसार इनमें और भी P add किये गए और आज अधिकतम 11-12 P तक की बात होती है। लेकिन आम तौर पर वर्तमान में मार्केटिंग मिक्स के 7 P के बारे में हर कोई जानने की इच्छा रखता है। इनका एक एक का संक्षिप्त वर्णन इस प्रकार से है।

1. प्रोडक्ट (Product, 1st, P of marketing):

ध्यान रहे मार्केटिंग के लिए प्रोडक्ट बेहद जरुरी है और यह उस कार्य को पूर्ण करने में सक्षम होना चाहिए जिसके लिए लोग इसे पाने की इच्छा रखते हों। कहने का आशय यह है की प्रोडक्ट में उपभोक्ता की आवश्यकता को पूर्ति करने का गुण होना चाहिए। अन्यथा उपभोक्ता को प्रोडक्ट खरीदने का कोई लाभ नहीं होगा और वह उस कंपनी या उत्पाद से संतुष्ट नहीं होगा।

2. प्लेस (Place):   

ध्यान रहे उद्यमी जिस उत्पाद को बेचना चाह रहा हो वह उत्पाद उस जगह उपलब्ध होना चाहिए जहाँ से टारगेट कस्टमर उसे आसानी से खरीद सकें। यह जगह कुछ भी जैसे गली मोहल्ले की कोई दुकान, ऑनलाइन स्टोर, माल इत्यादि कुछ भी हो सकती है।

3. प्राइस (Price):

ध्यान रहे उत्पाद ऐसा होना चाहिए की उपभोक्ता को उस पर पैसे खर्च करने का अफ़सोस न हो। हालांकि यह भी जरुरी नहीं है की उत्पाद को एकदम सस्ता ही होना चाहिए बल्कि सच्चाई यह है की जो उत्पाद ग्राहकों के लिए अच्छा काम करते हैं वे उनको थोड़ा अधिक पैसों में भी खरीदकर प्रसन्न रहते हैं।

4. प्रमोशन (Promotion, 5 P, of Marketing )

ध्यान रहे विपणन की निति कहती है की प्रोडक्ट सम्बन्धी सही एवं अधिकारिक जानकारी टारगेट ग्राहकों तक पहुंचनी बेहद जरुरी है इसके लिए उद्यमी को विभिन्न प्रमोशन के टूल जैसे एडवरटाइजिंग, पीआर, सेल्स प्रमोशन, सोशल मीडिया इत्यादि का इस्तेमाल करना होगा।

5. पीपुल (People):

इसमें कंपनी के कर्मचारियों को महत्व दिया गया है क्योंकि यही वे लोग हैं जो ग्राहकों तक उत्पाद या सेवा को पहुंचाते हैं। इसलिए बेहद जरुरी हो जाता है की उद्यमी प्रशिक्षित एवं अनुभवी लोगों की नियुक्ति करे ताकि ग्राहकों को सिर्फ अच्छे उत्पाद ही नहीं बल्कि अच्छी सर्विस भी प्राप्त हो सके।

6. प्रोसेस (Process 6 P of Marketing ): 

बिजनेस इकाइयों का संगठनों को विशेष तौर पर यह ध्यान देने की एवं सुनिश्चित करने की आवश्यकता होती है की व्यापार का प्रोसेस अच्छी तरह से स्ट्रक्चर्ड एवं वेरीफाईड हो । ताकि किसी भी प्रकार की गलती से बचा जा सके। लाभ को अधिकतम करने के लिए प्रोसेस को यथावत पूर्ण होना नितांत आवश्यक है इसलिए इसमें ढिलाई बर्दाश्त योग्य नहीं है।

7. फिजिकल एविडेंस (Physical Evidence)

सर्विस इंडस्ट्री में इस बात का भौतिक प्रमाण होना आवश्यक है की सेवा वितरित की गई थी यह ब्रांडिंग पर आधारित है। उदाहरण के लिए जब कोई व्यक्ति फ़ास्ट फ़ूड के लिए सोचता है तो उसके मष्तिष्क में KFC का नाम आ सकता है। और जब वह स्पोर्ट्स के बारे में सोचता है तो उसके मष्तिष्क में NIKE और ADIDAS का नाम आ सकता है।

मार्केटिंग के प्रकार (Types of Marketing in Hindi)

हालांकि मार्केटिंग की यदि हम बात करें तो हम पाएंगे की अधिकतर व्यापारिक इकाइयों द्वारा मार्केटिंग के डिजिटल एवं ऑफलाइन दोनों तरीकों के कॉम्बिनेशन को अपनाया जाता है। लेकिन इसके बावजूद देखा गया है की लोग ऑनलाइन मार्केटिंग के प्रति ज्यादा प्रभावित रहते हैं। जहाँ तक मार्केटिंग के प्रकारों की बात है ये अनेकों प्रकार के हो सकते हैं लेकिन कुछ प्रमुख प्रकारों का विवरण इस प्रकार से है।

कंटेंट मार्केटिंग (Content Marketing):

जहाँ तक कंटेंट मार्केटिंग का सवाल है ग्राहकों के साथ संबंधों को मजबूत करना एवं जागरूकता बढाने के लिए विभिन्न रूप में कंटेंट प्रकाशित करना ही है। इसे आम तौर पर डिजिटल मार्केटिंग के अवयव के तौर पर देखा जाता है लेकिन यह मार्केटिंग ऑफलाइन भी संभव है। ब्लॉग, सोशल मीडिया पोस्ट, इन्फोग्रफिक, विडियो इत्यादि कंटेंट भी इसके उदाहरण हैं।

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन

आम तौर पर इसे SEO के नाम से जाना जाता है यह एक ऐसी प्रकिया है जो वेबसाइट पर उपलब्ध कंटेंट को सर्च इंजन के अनुकूल बनाता है। और कंटेंट सर्च इंजन अनुकूल होने कारण जब लोग सर्च कर रहे होते हैं तो उन्हें दिखाई देता है जो वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक को आकर्षित करता है।

सर्च इंजन मार्केटिंग (Search Engine Marketing):

इसे आम तौर पर Pay per click (PPC) के नाम से भी जाना जाता है इस प्रक्रिया के तहत गूगल ऐड के माध्यम से उद्यमी को अपना कैंपेन बनाना होता है। और जब भी कोई इस ऐड पर क्लिक करता है उद्यमी को इसके लिए भुगतान देना पड़ता है। यह तरीका भी प्रभावी मार्केटिंग का एक बेहतरीन तरीका है क्योंकि इसमें उद्यमी टारगेट कस्टमर को आसानी से टारगेट कर सकता है ।

सोशल मीडिया मार्केटिंग

वर्तमान में फेसबुक, इन्स्टाग्राम, ट्विटर इत्यादि सोशल मीडिया वेबसाइट से सम्पूर्ण विश्व में अरबों लोग जुड़े हुए हैं । इसलिए इस तरीके से यानिकी सोशल मीडिया के माध्यम से उद्यमी फ्री में एवं पैसे देकर दोनों तरीके से मार्केटिंग कर सकता है।

डायरेक्ट मार्केटिंग (Direct Marketing)

इस तरह की मार्केटिंग में कंपनी के प्रतिनिधि कंपनी के उत्पाद या सेवा को सीधे लोगों को बेच रहे होते हैं वे लोगों से संपर्क करने के लिए ईमेल, टेलीफ़ोन इत्यादि का इस्तेमाल कर रहे होते हैं। कहने का अभिप्राय यह है की वे रिटेलर के माध्यम से उत्पाद नहीं बेच रहे होते हैं।

गुरिल्ला मार्केटिंग (Guerrilla Marketing)

गुरिल्ला मार्केटिंग एक ऐसी विज्ञापन रणनीति है जो कम लागत वाली अपरंपरागत मार्केटिंग रणनीति पर केन्द्रित है यह कम लागत पर अधिकतम परिणाम देती है। उदाहरणार्थ: किसी ऐतिहासिक पुतले इत्यादि पर अपनी कंपनी इत्यादि का नाम लिखवाना, ट्रेन स्टेशन, दुकान, यूनिवर्सिटी कैंपस, सार्वजनिक स्थल इत्यादि में पोस्टर, बैनर , होर्डिंग इत्यादि इसी Marketing के उदाहरण हैं ।

मार्केटिंग करने के तरीके (Marketing tips in Hindi):

हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं की हर उद्यमी की अपने बिजनेस की मार्केटिंग करने के तरीके उसकी जानकारी, बजट एवं उपलब्ध संसाधनों के आधार पर अलग अलग होती है। वह इसलिए क्योंकि समय एवं स्थिति के आधार पर मार्केटिंग के तरीके भी बदलते रहते हैं और मार्केटिंग के असंख्य तरीके हैं इसलिए किसी भी उद्यमी के लिए मार्केटिंग के सभी तरीकों को अपनाना लगभग असम्भव है।

जहाँ पहले प्रिंट मीडिया, टेलिविज़न, रेडियो इत्यादि के आधार पर मार्केटिंग होती थी वहीँ वर्तमान में इसके तरीके भी बदल गए हैं। लेकिन इसका मतलब यह बिलकुल नहीं है की परम्परागत तरीके इस दौड़ से बिलकुल ही बाहर हो गए हों बल्कि आज भी बहुत सारे उद्यमी ऐसे हैं जो अपने व्यापार की मार्केटिंग केवल और केवल परम्परागत तरीकों को अपनाकर ही करते हैं। यहाँ पर हम नीचे ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दोनों तरह के Marketing Tips का वर्णन कर रहे हैं।

  1. स्टेशनरी जैसे लिफाफे, लैटरहेड, बिजनेस कार्ड, नोटबुक इत्यादि तो सभी कार्यालयों में उपयोग में लायी जाती हैं। उद्यमी को इन सभी में अपनी कंपनी का लोगो एवं नाम प्रकाशित करना चाहिए ताकि डाक इत्यादि भेजते वक्त लिफाफा इत्यादि जहाँ भी जाए कंपनी की ब्रांडिंग होती रहे।
  2. दूसरा Tips यह कहता है की उद्यमी को चाहिए की वह खुद की वेबसाइट बनाये और उसी में ब्लॉग भी नियमित रूप से प्रकाशित करते रहें। इससे उद्यमी को ऑनलाइन कैंपेन चलाने में आसानी एवं सर्च इंजन के माध्यम से ट्रैफिक मिलने में भी आसानी रहेगी।
  3. अपने बिजनेस को गूगल माय बिजनेस एवं बिंग में फ्री में लिस्टिंग करें हालांकि याहू इसके लिए चार्जेज लेता है । लेकिन वर्तमान में सुप्रसिद्ध सर्च इंजन गूगल है इसलिए गूगल माय बिजनेस में लिस्टिंग बेहद लाभकारी सिद्ध हो सकती है।
  4. अपने उत्पाद एवं सेवा से सम्बंधित कुछ बेहतरीन विडियो बनायें और अपने बिजनेस के नाम से यूट्यूब चैनल बनाकर उन विडियो को उसमें नियमित रूप से पोस्ट करते रहें।
  5. कुछ ऐसे ब्लॉगर को ढूंढें जो आपके उत्पाद या सेवा के बारे में ईमानदार रिव्यु लिख सकें। ध्यान रहे एक ईमानदार रिव्यु ग्राहकों को ब्रांड या उत्पाद के प्रति विश्वास बढाता है ।
  6. यह Tips उनके लिए है जो नया वाहन खरीद रहे हों, यानिकी आप अपने बिजनेस के लिए जो भी वाहन इस्तेमाल में ला रहे हों चाहे वह कोई कार हो या फिर ट्रक उस वाहन पर अपने बिजनेस का नाम, संपर्क सूत्र लिखायें।
  7. पे पर क्लिक एडवरटाइजिंग चलाकर गूगल ऐड इत्यादि के माध्यम से कैंपेन बनाकर उसे अपने बजट एवं टारगेट ऑडियंस के अनुसार चलायें ।
  8. स्थानीय एरिया में मार्केटिंग के लिए अच्छे डिजाईन वाले पम्फलेट छपवायें और इन्हें विभिन्न स्थानों पर चिपकाएँ या लोगों को व्यक्तिगत तौर पर वितरित करें। लोकल एरिया के लिए यह तरीका बेहद प्रभावी है।
  9. अपने बिजनेस के नाम से सोशल मीडिया पेज बनायें और अपने बिजनेस एवं प्रोडक्ट से सम्बंधित नए नए पोस्ट नियमित तौर पर प्रकाशित करते रहें। इसके अलावा कमेंट, मेसेज इत्यादि के माध्यम से आने वाले प्रश्नों का यथोचित उत्तर देते रहें।
  10. ग्राहकों को एक सीमा के बाद खरीदारी करने पर कूपन इत्यादि देने का कार्यक्रम चलायें और कभी कभी कोई प्रतियोगिता भी आयोजित करें और जीतने वाले प्रतिभागी को उचित ईनाम के साथ साथ अपनी वेबसाइट, सोशल मीडिया इत्यादि में जगह प्रदान करें।
  11. अंत में इस Marketing Tips के अनुसार अच्छी लोकेशन पर अपने बिजनेस के नाम के बैनर, होर्डिंग्स इत्यादि लगवाएं।

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