नाई की दुकान कैसे शुरू करें। 6 Easy Steps to Start Hair Salon Business in India.

Hair Salon को आम बोलचाल की भाषा में नाई की दुकान के नाम से जाना जाता है इसके अलावा इसे बार्बर शॉप इत्यादि के नाम से भी कई स्थानों पर जाना जाता है । अगर आप ऐसी दुकानों को उपर्युक्त नाम से नहीं भी जानते हैं तो बाल कटवाने, दाढ़ी बनाने की दुकान के नाम से तो अवश्य जानते होंगे। जी हाँ दोस्तो बाल एवं दाढ़ी के रूप में मनुष्य को प्रकृति प्रद्दत ऐसे आभूषण प्राप्त हैं। यदि इनका रखरखाव एवं कटिंग न की जाय तो ये मनुष्य की शोभा बढ़ाने की बजाय उसका हुलिया बिगाड़ देते हैं।

यही कारण है की खास तौर पर पुरुषों को अपने बाल एवं दाढ़ी कटवाने बनवाने की आवश्यकता होती है। इसलिए कहा जा सकता है की Hair Salon यानिकी नाई की दुकान से परिचय पुरुषों का बचपन में ही हो जाता है जब वह पहली बार अपने पिता इत्यादि के साथ अपने बाल कटवाने नाई की दुकान में जाता है। वैसे देखा जाय तो इस समाज को नाई के सेवाओं की आवश्यकता प्राचीनकाल से ही रही है यही कारण है की आज भी राजा महाराजाओं की कहानी में इनका वृतांत भी सुनाया जाता है।

लेकिन आम लोगों में इस तरह का यह काम करने के बदले पैसे इत्यादि देने का रिवाज नहीं था बल्कि सहयोग की भावना के चलते लोग एक दुसरे के बाल काट लिया करते थे। लेकिन वर्तमान में लोगों का आत्मनिर्भर होने के चलते एक दुसरे पर निर्भरता ख़त्म क्या हुई की ग्रामीण इलाकों से परस्पर सहयोग की भावना का भी ह्रास हो गया। यही कारण है की आज Hair Salon नामक यह व्यापार एक बेहद लाभकारी व्यापार के तौर पर सामने आया है। और इसे भारत के किसी भी क्षेत्र में आसानी से शुरू किया जा सकता है।

hair salon kaise shuru kare

नाई की दुकान क्या है (What is Hair Salon)

वैसे तो हम उपर्युक्त वाक्य में कह चुके हैं की आम तौर पर पुरुषों का परिचय नाई की दुकान या Hair Salon से उसके बचपन में ही हो जाता है। लेकिन वर्तमान में महिलाएं भी तरह तरह की हेयर स्टाइल रखना पसंद करती हैं इसलिए वे भी ऐसे सैलून में जाना पसंद करती हैं जहाँ महिलाओं के लिए भी ये सुविधाएँ उपलब्ध हों। इसलिए आम बोलचाल की भाषा में एक ऐसा स्थान जहाँ से लोग अपने बाल कटवाना, दाढ़ी बनाना, मसाज करना इत्यादि कार्य करवाते हैं वह Hair Salon कहलाता है।

Hair Salon में एक या एक से अधिक नाई कार्यरत हो सकते हैं जो आये हुए ग्राहकों की उनकी आवश्यकतानुसार कटिंग, शेविंग, मसाज इत्यादि कर रहे होते हैं। इसलिए स्पष्ट है की दाढ़ी बनवाने, बाल कटवाने, फेस मसाज करवाने इत्यादि कार्यों को पूर्ण करने के लिए मनुष्य जिस स्थान का रुख करता है उसे हेयर सैलून या नाई की दुकान कहा जाता है।

नाई की दुकान चलने की संभावना

कोई भी उद्यमी जब कोई व्यापार शुरू करने की सोचता है तो वह उसकी चलने की संभावना पर अवश्य विचार करता है । जी हाँ अक्सर वह यह जानने के लिए उत्सुक रहता है की क्या उसका व्यापार उस एरिया विशेष में चल पायेगा या नहीं हालंकि बहुत सारे व्यापार ऐसे होते हैं जिनमें देश की ही नहीं अपितु दुनिया में होने वाली आर्थिक उथल पुथल का भी असर देखने को मिलता है।

लेकिन चूँकि Hair Salon Business एक छोटे से एरिया में निवास करने वाले लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर स्थापित किया जाने वाला व्यापार है। इसलिए इस छोटे से क्षेत्र में उद्यमी इस तरह का यह बिजनेस शुरू करने से पहले ऐसी सेवा की माँग एवं प्रतिस्पर्धा का आसानी से आकलन एवं विश्लेषण कर सकता है। वैसे देखा जाय तो प्रत्येक पुरुष हफ्ते में एक बार या दो बार दाढ़ी बनवाने, महीने में एक दो बार बाल कटवाने एवं फेस मसाज जैसी गतिविधयों के लिए भी नाई की दुकान पर अवश्य जाता है।

इसलिए कहा जा सकता है की जहाँ भी जिस भी क्षेत्र में लोग निवासित हैं उन्हें इस सेवा की आवश्यकता होगी ही होगी। यही कारण है आज हमें लगभग हर छोटी बड़ी स्थानीय मार्किट में एक या एक से अधिक Hair Salon देखने को मिल जाते हैं। आज की जीवनशैली में नाई की दुकान का महत्व इतना बढ़ गया है की आज लोगों को जिस प्रकार गली मोहल्लों इत्यादि में जनरल स्टोर इत्यादि की आवश्यकता होती है। ठीक उसी प्रकार नाई की दुकान की भी आवश्यकता होने लगी है। इसलिए एक स्थानीय मार्किट जहाँ पर लोगों का आना जाना लगातार जारी रहता है वहां पर इस तरह के व्यापार की चलने की पर्याप्त संभावना है।

नाई की दुकान कैसे शुरू करें? (How to Start Hair Salon Business)

वैसे देखा जाय तो Hair Salon यानिकी नाई की दुकान का यह व्यापार कम निवेश के साथ आसानी से शुरू किया जा सकता है। लेकिन एक ऐसा व्यक्ति जिसे खुद बाल काटने, दाढ़ी बनाने, मसाज करने इत्यादि का काम बढ़िया से आता हो वह शुरूआती दौर में इसे अकेले भी शुरू कर सकता है। लेकिन एक ऐसा व्यक्ति जिसे यह काम न आता हो वह भी इस व्यापार को शुरू तो कर सकता है लेकिन उसे अपने व्यापार के लिए नाई नियुक्त करने की आवश्यकता होगी। यद्यपि यह एक ऐसा व्यापार है जो वर्ष के बारह महीने निरंतर चलता रहता है।

लेकिन इस तरह के व्यापार के लिए स्किल मैनपावर का मिलना इसलिए कठिन हो जाता है। क्योंकि जिनके पास इस तरह का यह स्किल होता है वे नौकरी करने की बजाय खुद का Hair Salon चला रहे होते हैं। इसलिए इस तरह का व्यापार शुरू करना केवल और केवल उसी व्यक्ति के लिए फायदेमंद हो सकता है जिसे नाई का काम अच्छी तरह से आता हो। क्योंकि वह चाहे तो किसी अकुशल श्रमिक को काम पर रखकर यह काम सिखाकर अपने लिए काम करने के योग्य बना सकता है। तो आइये अब स्टेप बाई स्टेप जानने की कोशिश करते हैं की कोई व्यक्ति कैसे इस तरह का यह व्यापार शुरू कर सकता है। 

1. लोकेशन का चुनाव (Select Location for Hair Salon)

नाई की दुकान या Hair Salon नामक बिजनेस तभी जोरों शोरों से चल सकता है जब वह एक अच्छी लोकेशन पर मौजूद हो। जी हाँ दोस्तों इस व्यापार से उद्यमी अपनी कितनी कमाई कर पाने में सक्षम होगा यह इस बात पर निर्भर करेगा की उसने कौन सी लोकेशन का चुनाव अपने व्यापार के लिए किया है। इसलिए यदि इस तरह का यह व्यापार शुरू करने वाला उद्यमी चाहता है की उसका बिजनेस सही से चले तो उसे अपने व्यापार के लिए एक बेहद परफेक्ट लोकेशन का चयन करना होगा।

उद्यमी को अपना Hair salon किसी ऐसी लोकेशन पर खोलने की योजना बनानी चाहिए जहाँ हमेशा लोग आते जाते रहते हों इनमें स्थानीय मार्किट, आवासीय कॉलोनी इत्यादि हो सकती है। नाई की दुकान सड़क किनारे जहाँ ग्राहक आसानी से पहुँच सके पर होनी चाहिए इसके अलावा उद्यमी को अपनी दुकान के ऊपर एक बोर्ड भी लगाना चाहिए।     

2. निवेश का आकलन एवं प्रबंध

वैसे देखा जाय तो हम पहले भी बता चुके हैं की Hair Salon Business शुरू करने के लिए बहुत अधिक निवेश करने की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन यदि उद्यमी किसी पॉश इलाके में हेयर सैलून खोलने की सोच रहा है तो उसे अपने ग्राहकों को उनकी खर्च करने की क्षमता के मुताबिक सुविधाएँ प्रदान करने के लिए साधारण इलाके के मुकाबले अधिक खर्चा करने की आवश्यकता हो सकती है। लेकिन ध्यान रहे एक साधारण लोकेशन पर यदि उद्यमी स्वयं नाई का काम करके यह बिजनेस शुरू करता है तो वह इसे 80 हज़ार से 1.5 लाख रूपये में आसानी से शुरू कर सकता है।

लेकिन यहाँ पर यह स्पष्ट कर देना बेहद जरुरी है की इस व्यापार में आने वाली लागत कर्मचारियों की नियुक्ति, चयनित लोकेशन, शहर, राज्य इत्यादि के आधार पर अंतरित हो सकती है। अब यदि उद्यमी के पास खुद की दुकान इत्यादि हो तो यह लागत कुछ और कम हो जाती है। जहाँ तक इस व्यापार को शुरू करने में आने वाली लागत के लिए पैसों के प्रबंध का सवाल है वह उद्यमी अपनी खुद की बचत, पारिवारिक सदस्यों मित्रों से ऋण लेकर या फिर बैंक वित्तीय संस्थानों से ऋण लेकर भी कर सकता है। Hair Salon Business को शुरू करने में आने वाली लागत का ब्यौरा इस प्रकार से है।

  • यदि उद्यमी की स्वयं की दुकान न हो और वह दुकान किराये पर ले रहा हो तो बहुत सारे लोगों द्वारा रिफंडेबल सिक्यूरिटी मांगी जाती है। कहीं कहीं पर इसे पगड़ी के नाम से भी जाना जाता है। यह किराये के आधार पर 50-60 हज़ार या इससे अधिक एवं कम भी हो सकती है। हालांकि इसे लागत में शामिल नहीं किया जा सकता क्योंकि यह रिफंडेबल होती है लेकिन चूँकि उद्यमी को इसका भी प्रबंध करना होता है इसलिए इसका जिक्र करना भी आवश्यक हो गया था।
  • Hair Salon का किराया भी लोकेशन के आधार पर अंतरित हो सकता है जो 5-15 हज़ार प्रति महीने के बीच कुछ भी हो सकता है।
  • वर्तमान में भारत में बेरोजगारी तो है लेकिन इसके बावजूद भी अनुभवी एवं कुशल कर्मचारियों का मिलना इस व्यापार के लिए एक चुनौती है। एक स्टाफ 12-15 हज़ार प्रति महीने की सैलरी में मिल सकता है।
  • बिजली बिल इत्यादि का खर्चा प्रति महीने दो हज़ार रूपये माँ के चल सकते हैं।
  • इसके अलावा दुकान की फर्निशिंग टूल उपकरण खरीदने में 50-80 हज़ार रूपये खर्च हो सकते हैं।               

3. नियम एवं कानूनों के बारे में पता करें

वैसे देखा जाय तो Hair Salon Business वातावरण एवं पर्यावरण को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुँचाता है। इसलिए इसके लिए किसी भी प्रकार के लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता तो नहीं होती है। लेकिन इसके बावजूद उद्यमी को वहां पर इस व्यापार को लेकर लागू स्थानीय नियम एवं कानूनों के बारे में पता करना होगा।

वैसे कुछ राज्यों में इस तरह के उद्यमियों द्वारा स्थानीय प्राधिकरण जैसे नगर निगम, नगर पालिका इत्यादि से ट्रेड लाइसेंस लेने की आवश्यकता हो सकती है तो वहीँ शॉप्स एंड एस्टाब्लिश्मेंट एक्ट के तहत भी अपने व्यापार को रजिस्टर करने की आवश्यकता हो सकती है। और यदि उद्यमी का सालाना टर्नओवर जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए दी गई छूट की सीमा को पार कर जाता है तो जीएसटी रजिस्ट्रेशन की भी आवश्यकता हो सकती है।      

4. चयनित लोकेशन पर दुकान किराये पर लें

अब Hair Salon खोलने के लिए उद्यमी का अगला कदम चयनित की गई लोकेशन पर दुकान किराये पर लेने का होना चाहिए। वैसे इस तरह के व्यापार को शुरू करने के लिए उद्यमी को किसी लम्बी चौड़ी जगह की आवश्यकता होती नहीं है। इसलिए इस व्यापार के लिए दुकान मिल पाना कोई खास चुनौती तो नहीं है लेकिन उद्यमी को फिर भी कम से कम इतनी जगह तो किराये पर लेनी ही होगी जहाँ पर वह कम से कम तीन कुर्सियां, सामान रखने की ड्रावर, शीशे इत्यादि लगा सके।

उद्यमी चाहे तो किसी अनुभवी कारपेंटर को बुलाकर उस दुकान को उसे दिखाकर उसमें अपनी मन मुताबिक फर्निशिंग का काम करा सकता है। ध्यान रहे यदि कोई ऐसा कारपेंटर जिसे इस तरह की दुकानों में फर्निशिंग का काम करने का अनुभव हो मिल गया तो बेहद अच्छी बात हो सकती है।     

5. टूल एवं उपकरण खरीदें

जब उद्यमी द्वारा अपने Hair Salon का फिक्सिंग एवं फर्निशिंग का कार्य पूर्ण करा लिया जाता है तो उसके बाद उसका अगला कदम अपने इस व्यापार के लिए टूल एवं उपकरण खरीदने का होना चाहिए। हालांकि नाई की दुकान में इस्तेमाल में लाये जाने वाले टूल एवं उपकरण किसी भी स्थानीय मार्किट में आसानी से मिल जाते हैं। लेकिन यदि उद्यमी ऑनलाइन किसी पोर्टल से इन्हें खरीदना चाहता है तो वह ऐसा भी कर सकता है। वैसे देखा जाय तो आम तौर पर शीशे एवं कुर्सियों का प्रबंध कारपेंटर द्वारा ही किया जाता है लेकिन यदि उसने ऐसा नहीं किया हो तो उद्यमी इन्हें खरीदकर उससे फिक्स करवा सकता है।

इस व्यापार को करने के लिए उद्यमी को विभिन्न कंघियाँ, भिन्न भिन्न कैंची, ट्रीमर, शेविंग मशीन, उस्तरा, ब्लेड, भिन्न भिन्न शेविंग क्रीम, कॉस्मेटिक क्रीम, हेयर ब्रश, टेलकम पाउडर इत्यादि खरीदने की आवश्यकता होती है। इसके अलावा यदि उद्यमी नाई के रूप में खुद ही कार्यरत हो तो ठीक है अन्यथा उसे दो तीन कर्मचारियों की नियुक्ति करने की भी आवश्यकता हो सकती है।     

6. व्यापार की मार्केटिंग करें (Market your hair Salon)

यदि उद्यमी की दुकान किसी भीड़ भाड़ वाली जगह पर है तो इस बात की काफी संभावना है की पहले दिन से ही उद्यमी की दुकान में ग्राहक का पदार्पण हो सकता है। लेकिन यदि ऐसा नहीं है तो शुरूआती दौर में इस बिजनेस के लिए ग्राहक लाना बहुत बड़ी चुनौती है। लेकिन चूँकि यह व्यापार ऐसा है की इसमें उद्यमी बाल काटने, दाढ़ी बनाने इत्यादि जैसी सुविधाएँ स्थानीय लोगों को प्रदान कर रहा होता है।

इसलिए इस तरह के व्यापार की बहुत अधिक मार्केटिंग भी नहीं की जा सकती क्योंकि जब व्यक्ति को बाल काटने या दाढ़ी बनानी होती है। तो वह अपने नजदीकी किसी भी Hair Salon में जाकर यह काम करवा लेता है। इसलिए उद्यमी को चाहिए की वह उसकी दुकान पर आये हुए ग्राहक के साथ कैसे डील एवं बर्ताव करता है। क्योंकि यदि ग्राहकों के प्रति उद्यमी का बर्ताव एवं कार्य प्रशंसनीय रहा तो उसके वहां वही ग्राहक दुबारा भी आएगा इस तरह से उद्यमी का कस्टमर बेस बढ़ता जाएगा।

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